MP News: भोपाल में खुला हाईटेक सेंटर, अब महिलाओं को मिलेगा सस्ता और पूरा इलाज

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By Input Published On: March 22, 2026
MP News: भोपाल में खुला हाईटेक सेंटर, अब महिलाओं को मिलेगा सस्ता और पूरा इलाज

MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 23 मार्च से डॉ. कैलाशनाथ काटजू शासकीय अस्पताल में एक अत्याधुनिक सेंटर की शुरुआत होने जा रही है। यह सेंटर राज्य का पहला सरकारी प्रिवेंटिव गायनो-ऑन्कोलॉजी और इन्फर्टिलिटी सेंटर होगा। इस पहल से अब तक महंगे निजी अस्पतालों तक सीमित सुविधाएं आम महिलाओं तक सस्ती दरों पर पहुंच सकेंगी। इस सेंटर का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल द्वारा किया जाएगा।

एक ही जगह पर सभी इलाज, भागदौड़ से मिलेगी राहत

इस नए सेंटर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि महिलाओं से जुड़ी लगभग सभी गंभीर बीमारियों का इलाज एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगा। अस्पताल की नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के अनुसार अब मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बांझपन, पीसीओएस, सर्वाइकल कैंसर, मोटापा, मेनोपॉज, हार्मोनल असंतुलन और अनियमित पीरियड्स जैसी समस्याओं का इलाज यहां एक ही जगह पर किया जाएगा। यह सुविधा खासतौर पर उन महिलाओं के लिए राहत लेकर आएगी जो अब तक सही इलाज के लिए भटकती थीं।

कैंसर की समय पर पहचान से बचेंगी जानें, इलाज भी होगा सस्ता

इस सेंटर में सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए VIA तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बीमारी को शुरुआती स्टेज में पकड़कर समय रहते इलाज संभव हो सकेगा। यही नहीं, यहां इन्फर्टिलिटी ट्रीटमेंट भी काफी कम कीमत पर उपलब्ध होगा। जहां निजी अस्पतालों में यही इलाज ढाई से तीन लाख रुपये तक का होता है, वहीं इस सरकारी सेंटर में यह सुविधा करीब 40 हजार से 80 हजार रुपये में मिलेगी। इससे आम और मध्यम वर्ग की महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी और वे बिना आर्थिक दबाव के इलाज करा सकेंगी।

हाईटेक सुविधाओं से लैस सेंटर, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैयार

करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बने इस सेंटर में आधुनिक तकनीकों और उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है। यहां आईयूआई जैसी उन्नत फर्टिलिटी सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। मरीजों को शुरुआत से लेकर इलाज के अंतिम चरण तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मार्गदर्शन देगी। यह सेंटर न सिर्फ इलाज बल्कि जागरूकता और समय पर जांच के जरिए महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। इस पहल को राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति के तौर पर देखा जा रहा है।