MP News: शहडोल के गांधी चौक के पास तीन मंजिला इमारत में भीषण आग, फायर ब्रिगेड बेबस

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By Sharma Published On: August 5, 2025
MP News: शहडोल के गांधी चौक के पास तीन मंजिला इमारत में भीषण आग, फायर ब्रिगेड बेबस

MP News: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के न्यू गांधी चौक स्थित महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल के सामने बनी एक तीन मंजिला इमारत में आधी रात को अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते उसने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इमारत में ‘इंडियन प्रेस’ सहित कई व्यावसायिक दुकानें स्थित थीं, जो आग की चपेट में आ गईं। आग के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार, देर रात लगी आग ने सुबह तक भयावह रूप धारण कर लिया।

दमकल विभाग की क्षमता पर उठे सवाल

आग बुझाने के लिए शहडोल नगर पालिका की सभी दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की तीव्रता के सामने वे भी बेबस नजर आईं। शहडोल नगर पालिका के पास इस तरह की बड़ी आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। यह घटना नगर पालिका की लापरवाही को उजागर करती है, जहां बड़ी इमारतों के निर्माण की अनुमति तो दे दी जाती है, लेकिन आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते।

MP News: शहडोल के गांधी चौक के पास तीन मंजिला इमारत में भीषण आग, फायर ब्रिगेड बेबस

पुलिस और प्रशासन मौके पर तैनात

जैसे ही आग की जानकारी मिली, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। स्थानीय प्रशासन द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने और आग पर काबू पाने की कोशिशें की जा रही हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

 आग ने उजाड़ दी कई दुकानों की रोज़ी-रोटी

इस इमारत में कई दुकानदारों की दुकानें थीं, जिनका सारा सामान आग की भेंट चढ़ गया। दुकान मालिकों का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपये का माल स्टॉक कर रखा था, जो अब पूरी तरह जल गया है। यह घटना उनके लिए न केवल आर्थिक, बल्कि भावनात्मक आघात भी है। स्थानीय व्यापार मंडल ने सरकार से नुकसान की भरपाई की मांग की है।

लापरवाही का परिणाम या चेतावनी?

शहडोल नगर पालिका की यह गंभीर लापरवाही भविष्य में और भी बड़े हादसों को न्योता दे सकती है। यह घटना साफ दिखाती है कि बड़े शहरों की तरह छोटे शहरों में भी आपातकालीन सुविधाओं को सुदृढ़ करना बेहद जरूरी है। यह हादसा केवल एक आग नहीं, बल्कि प्रशासन की अनदेखी और तैयारी की पोल खोलता है। सरकार को चाहिए कि वह नगर पालिकाओं को संसाधनों से सशक्त बनाए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस योजना बनाए।