MP News: इंदौर पीठ में 23 फरवरी को होगी विवादित परिसर याचिकाओं की सुनवाई

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By Input Published On: February 19, 2026
MP News: इंदौर पीठ में 23 फरवरी को होगी विवादित परिसर याचिकाओं की सुनवाई

MP News: मध्य प्रदेश के जबलपुर हाई कोर्ट ने बुधवार को अपनी इंदौर बेंच को भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर विवाद से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करने का निर्देश दिया। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने कहा कि विवादित ढांचा धार जिले में स्थित है, जो इंदौर पीठ के अधिकार क्षेत्र में आता है। बेंच ने यह भी कहा कि संबंधित पक्ष भी उसी क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए याचिकाओं पर वहीं सुनवाई होनी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को इंदौर पीठ में होगी।

विवादित परिसर का धार्मिक महत्व

भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर धार्मिक दृष्टि से दोनों समुदायों के लिए महत्वपूर्ण है। हिंदू समुदाय इसे वाग्देवी (देवी सरस्वती) को समर्पित मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे 11वीं शताब्दी के स्मारक कमाल मौला मस्जिद के रूप में पहचानता है। यह परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है। एएसआई के अप्रैल 2023 के आदेश के अनुसार, हिंदुओं को हर मंगलवार पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुसलमानों को हर शुक्रवार नमाज अदा करने की अनुमति मिली है।

MP News: इंदौर पीठ में 23 फरवरी को होगी विवादित परिसर याचिकाओं की सुनवाई

न्यायालय में सुनवाई और पक्षकारों की भागीदारी

इंदौर से सुनवाई में डिजिटल माध्यम से शामिल हुए विनय जोशी ने बताया कि उच्च न्यायालय का यह निर्देश सभी पक्षों की सुविधा के लिए जारी किया गया है। अब इस मामले की सुनवाई इंदौर पीठ के वरिष्ठतम न्यायाधीश करेंगे। इंदौर पीठ ने 16 फरवरी को उच्चतम न्यायालय के 22 जनवरी 2026 के आदेश का हवाला देते हुए निर्देश दिया था कि लंबित रिट याचिकाओं को तीन सप्ताह के भीतर मुख्य न्यायाधीश या वरिष्ठ न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष रखा जाए।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और आगे की प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट ने 22 जनवरी को उच्च न्यायालय को निर्देश दिया था कि एएसआई द्वारा जमा विवादित परिसर की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और पक्षकारों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाए। सभी आपत्तियां दर्ज होने के बाद ही मामले की अंतिम सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को निर्देश दिया है कि विवादित परिसर में यथास्थिति बनाए रखें और अंतिम निर्णय तक एएसआई के अप्रैल 2023 के आदेश का पालन करें। यह कदम दोनों समुदायों के विश्वास और विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।