MP News: खंडवा की सूरजकुंड घटना, नेता ने मजिस्ट्रेट को बजरंग बली कहा, वीडियो वायरल

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By Input Published On: March 24, 2026
MP News: खंडवा की सूरजकुंड घटना, नेता ने मजिस्ट्रेट को बजरंग बली कहा, वीडियो वायरल

MP News: खंडवा, मध्य प्रदेश से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में खंडवा नगर निगम के नेता दीपक मुल्लु राठौड़ को देखा जा सकता है जो सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह के पैरों को पकड़े भावुक होकर उन्हें बचाने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आप हमारे बजरंग बली हैं, कृपया इन लोगों को बचाइए।” यह घटना पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

क्या है पूरी घटना?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना सूरजकुंड क्षेत्र में हुई एक अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान घटित हुई। अभियान के दौरान इलाके में भारी हंगामा और विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। स्थानीय लोग गुस्से में कलेक्टर कार्यालय के पास जमा हुए और नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान नगर निगम के विपक्षी नेता दीपक मुल्लु राठौड़ सिटी मजिस्ट्रेट के सामने घुटने टेककर उनके पैर पकड़ने लगे और भावुक होकर उनसे निवेदन किया। उनका कहना था कि यह लोग लंबे समय से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और उन्हें बिना वैकल्पिक आवास दिए नहीं हटाया जाना चाहिए।

सिटी मजिस्ट्रेट ने दी स्थिति की जानकारी

घटनास्थल पर सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह ने स्थिति को शांत किया और आश्वासन दिया कि अभियान फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और नागरिकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लोगों के हितों का ध्यान रखते हुए कार्रवाई कर रहा है। विरोध कर रहे नागरिकों का कहना है कि उन्हें उनके लंबे समय से बसे आवास से हटाया जा रहा है और यदि उन्हें स्थानांतरित किया जाएगा तो प्रशासन को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराना होगा। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और अभियान के विरोध में आवाज बुलंद की।

अतिक्रमण विरोध और सामाजिक प्रतिक्रिया

खंडवा की यह घटना शहर में चर्चा का केंद्र बन गई है। वीडियो में नेता की भावुकता और सिटी मजिस्ट्रेट के शांत और संवेदनशील व्यवहार ने लोगों का ध्यान खींचा। प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद की आवश्यकता को यह घटना फिर से उजागर करती है। नगर निगम के नेताओं और अधिकारियों के बीच यह विवाद स्थानीय राजनीति और सामाजिक न्याय के मुद्दों को भी सामने लाता है। फिलहाल प्रशासन ने विरोध करने वाले नागरिकों को आश्वस्त किया है और भविष्य में वैकल्पिक आवास के प्रबंध पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।