MP News: उज्जैन, शिवपुरी और डाटिया में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू

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By Input Published On: March 24, 2026
MP News: उज्जैन, शिवपुरी और डाटिया में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू

MP News: मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई एयरस्ट्रिप्स के विकास की योजना शुरू कर दी है। वर्तमान में प्रदेश में आठ पूर्ण विकसित हवाई अड्डे और 23 एयरस्ट्रिप्स मौजूद हैं। इन एयरस्ट्रिप्स की सही देखभाल और संचालन सुनिश्चित करने के लिए 11 एयरस्ट्रिप्स को निजी संगठनों को लीज पर सौंपा गया है। इन एयरस्ट्रिप्स का उपयोग फ्लाइट प्रशिक्षण और अन्य विमानन गतिविधियों के लिए किया जाएगा। शिवपुरी और उज्जैन में स्थित एयरस्ट्रिप्स के विकास की जिम्मेदारी एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को दी गई है, जिन्हें क्षेत्रीय हवाई अड्डों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

नियमित हवाई सेवाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया

सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य नियमित हवाई सेवाओं का संचालन सुनिश्चित करना है। इस दिशा में आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। केंद्रीय सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (RCS) के तहत, 2024-25 वित्तीय वर्ष में डाटिया एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंपा गया। इसके परिणामस्वरूप डाटिया प्रदेश का आठवां कार्यशील हवाई अड्डा बन गया है। इस हवाई अड्डे से छोटे विमानों के संचालन की शुरुआत हो चुकी है, जिससे स्थानीय यात्रा और पर्यटन को नई गति मिलेगी।

पर्यटन और उद्योग पर पड़ेगा व्यापक प्रभाव

इस पहल का सबसे बड़ा लाभ राज्य के पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा। उज्जैन, छिंदवाड़ा, शिवपुरी और सिवनी जैसे शहर धार्मिक, प्राकृतिक और औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सीमित हवाई कनेक्टिविटी के कारण इनका पूरा लाभ नहीं उठाया जा सका। नियमित हवाई सेवाओं के शुरू होने से इन क्षेत्रों में पर्यटक आगमन बढ़ने की संभावना है, वहीं निवेशकों के लिए भी ये शहर आकर्षक बनेंगे। उज्जैन में ‘महाकाल लोक’ कॉरिडोर की वजह से तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और हवाई कनेक्टिविटी से उनके लिए यात्रा आसान होगी।

कौशल विकास और रोजगार के अवसर

हवाई प्रशिक्षण और विमानन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर उत्पन्न होंगे। इसमें पायलट प्रशिक्षण, ग्राउंड स्टाफ संचालन, विमान रखरखाव और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में कौशल विकास संभव होगा। हालांकि इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि भूमि अधिग्रहण, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और हवाई संचालन समय पर पूरा हो। यदि सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हो जाती हैं, तो मध्य प्रदेश छोटे शहरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हवाई नेटवर्क से जोड़कर प्रमुख हवाई कनेक्टिविटी हब बन सकता है।