MP News: भोपाल में जमीन और घर की कीमतों में 108 प्रतिशत तक भारी वृद्धि होने का प्रस्ताव

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By Input Published On: March 8, 2026
MP News: भोपाल में जमीन और घर की कीमतों में 108 प्रतिशत तक भारी वृद्धि होने का प्रस्ताव

MP News: राजधानी भोपाल में जमीन और मकान की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं। अब रजिस्ट्री विभाग ने प्रॉपर्टी गाइडलाइन रेट्स में बड़े पैमाने पर वृद्धि की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने कुछ क्षेत्रों में 20% से लेकर 108% तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव हाल ही में हुई जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में चर्चा के बाद संपदा सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया गया है। बैरागढ़, गांधी नगर और लालघाटी जैसे क्षेत्रों में गाइडलाइन रेट्स में सबसे अधिक वृद्धि होने की संभावना है।

आपत्तियों और दावे जमा करने का समय बहुत सीमित

विभाग ने लंबे समय तक गाइडलाइन प्रस्ताव पर कोई जानकारी नहीं दी। बैठक के लगभग 15 दिन बाद ही इसे पोर्टल पर अपलोड किया गया, जिससे नागरिक अपने दावे और आपत्तियां ऑनलाइन जमा कर सकें। हालांकि, ऑनलाइन प्रक्रिया से अधिकांश लोग अभी भी पूरी तरह परिचित नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कम आपत्तियों के कारण यह प्रस्ताव आसानी से पारित हो सकता है और इसके चलते राजधानी में संपत्ति की कीमतों में एक और उछाल आ सकता है।

MP News: भोपाल में जमीन और घर की कीमतों में 108 प्रतिशत तक भारी वृद्धि होने का प्रस्ताव

इन इलाकों में बढ़ सकते हैं रेट्स

प्रस्तावित गाइडलाइन के अनुसार, कई प्रमुख क्षेत्रों में कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है। इनमें लंबाखेड़ा, नविबाग, एरोसिटी राजभोज प्रोजेक्ट, CTO कॉलोनी, कैलाश नगर, पूजा श्री नगर, लौखेडी BDA, हाउसिंग बोर्ड कोहेफिजा, पंछावती LIG, करोंद, जनता नगर, बैदबाई, नारेला बाज्याफ्ट, हीरकहेड़ी, घाटखेड़ी, इनायतपुर, फंडा कलां, बैरागढ़ खुबान, बेहटा, मिनाल शॉपिंग एरिया, अरेड़ी, सुखसेवानिया, ओंकारा सेवानिया, अरेरा कॉलोनी और भोपाल रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रेट्स बढ़ने से संपत्ति खरीद-बिक्री पर सीधा असर पड़ेगा।

संपत्ति बाजार पर पड़ सकता है व्यापक प्रभाव

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह प्रस्ताव लागू हो जाता है तो यह राजधानी के संपत्ति बाजार को और गर्म कर देगा। घर और जमीन खरीदने वालों के लिए खर्च बढ़ जाएगा और निवेश की लागत भी बढ़ सकती है। इससे न केवल खरीदार प्रभावित होंगे बल्कि रियल एस्टेट कंपनियों और निवेशकों के लिए भी हालात चुनौतीपूर्ण बन सकते हैं। आम जनता को जल्द ही अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करानी होंगी, नहीं तो प्रस्ताव स्वीकृत हो जाने के बाद कीमतों में तेजी अपरिहार्य है।