MP News: माधव टाइगर रिजर्व का शख्यसागर तालाब प्रदूषण की चपेट में, बाघों की जान खतरे में

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By Input Published On: March 8, 2026
MP News: माधव टाइगर रिजर्व का शख्यसागर तालाब प्रदूषण की चपेट में, बाघों की जान खतरे में

MP News: शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों के सामने पर्यावरणीय संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। रिजर्व के मुख्य जल स्रोत शख्यसागर तालाब (चांदपठा) में बढ़ती प्रदूषण की समस्या ने बाघों और अन्य जलीय जीवन के लिए खतरे का संकेत दिया है। तालाब में गंदे पानी के चलते मछलियों, मगरमच्छों और अन्य जलीय जीवों की जीवनशैली प्रभावित हो रही है।

untreated sewage का खतरा और तालाब की स्थिति

पूर्व वन बल प्रमुख वी.एन. अंबाडे ने अपने कार्यकाल के दौरान इस मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने संबंधित विभागों को पत्र लिखकर तत्काल पानी की शुद्धि करने और प्रदूषण को रोकने के निर्देश दिए थे। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि तालाब में बढ़ती प्रदूषण को रोकने और पानी को साफ करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। शिवपुरी शहर का untreated sewage सीधे शख्यसागर तालाब में छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण जलगम और अन्य जलीय जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

MP News: माधव टाइगर रिजर्व का शख्यसागर तालाब प्रदूषण की चपेट में, बाघों की जान खतरे में

निरीक्षण और प्रशासन की नाकामी

जुलाई 2024 में किए गए निरीक्षण में तालाब की स्थिति गंभीर पाई गई थी। उस समय शिवपुरी नगर पालिका को इस समस्या के प्रति चेतावनी दी गई और प्रदूषण रोकने के निर्देश दिए गए थे। 29 अगस्त 2024 को एक बैठक में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई और संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। बावजूद इसके अब तक कोई अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए। अंबाडे ने फरवरी 28 को सेवा से सेवानिवृत्ति ले ली, लेकिन वे शख्यसागर तालाब में बढ़ते प्रदूषण को लेकर अब भी गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

Ramsar Site बनने के बाद जिम्मेदारी बढ़ी

महत्वपूर्ण बात यह है कि शख्यसागर तालाब को 2021 में Ramsar Site घोषित किया गया था, जिससे इसके संरक्षण की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। यह तालाब माधव टाइगर रिजर्व के बाघों के लिए प्रमुख जल स्रोत होने के साथ-साथ मगरमच्छ, मछली और अन्य जलीय जीवों के लिए भी महत्वपूर्ण है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तालाब के प्रदूषण को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो इससे पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है।