MP News: पाइपलाइन मरम्मत के दौरान बड़ा हादसा गैस आग और ट्रैफिक जाम ने बढ़ाई मुश्किलें

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By Input Published On: April 9, 2026
MP News: पाइपलाइन मरम्मत के दौरान बड़ा हादसा गैस आग और ट्रैफिक जाम ने बढ़ाई मुश्किलें

MP News: मध्य प्रदेश के मुरैना शहर में नेहरू पार्क के पास नगर निगम की लापरवाही एक बड़े हादसे का कारण बनते बनते बची। यहां पानी की पाइपलाइन की मरम्मत के लिए खुदाई का काम चल रहा था क्योंकि पिछले एक सप्ताह से वहां लीकेज की समस्या थी। इसी दौरान जेसीबी मशीन से खुदाई करते समय गलती से PNG यानी घरेलू गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन टूटते ही अचानक गैस रिसाव शुरू हुआ और देखते ही देखते आग भड़क उठी। आग की लपटें लगभग 20 फीट ऊंचाई तक उठने लगीं जिससे मौके पर अफरा तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग घबरा कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

आग ने लिया विकराल रूप और लोग झुलसे

गैस रिसाव के कारण भड़की आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया। पास ही स्थित एक नाश्ते की दुकान में जल रहे चूल्हे ने आग को और भड़का दिया जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई। इस हादसे में ‘कन्हैया मिष्ठान’ के संचालक विमल गुप्ता और उनके पुत्र पावस गुप्ता झुलस गए। इसके अलावा पास में मोटर वाइंडिंग की दुकान चलाने वाले अख्तर खान भी आग की चपेट में आ गए और उनके चेहरे और बालों को नुकसान पहुंचा। अचानक हुए इस हादसे ने स्थानीय लोगों में भय और दहशत का माहौल पैदा कर दिया और कई लोग मौके से भागने को मजबूर हो गए।

दमकल और PNG कंपनी की टीम ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही PNG कंपनी और नगर निगम की फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। अधिकारियों के अनुसार जिस गैस पाइपलाइन में आग लगी थी उसमें नियमित सप्लाई नहीं थी बल्कि परीक्षण के दौरान बची हुई गैस मौजूद थी। यदि उस समय नियमित गैस सप्लाई चालू होती तो यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था। इस घटना ने शहर में मौजूद PNG पाइपलाइन नेटवर्क की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग उठ रही है।

खुदाई और मरम्मत के कारण ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित

आग बुझने के बाद गैस और पानी की पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू किया गया। इसके चलते नेहरू पार्क के सामने स्थित एमएस रोड की एक लेन को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया। यातायात को शिशु नगर और जिवाजीगंज की ओर डायवर्ट किया गया जिससे पूरे इलाके में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं और मिल एरिया रोड, गर्ल्स रोड और शिशु नगर रोड पर भी यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए बल्कि शहर की ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली की कमजोरियों को भी उजागर किया।