MP News: इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी ओवरचार्ज से भयंकर आग, आठ की मौत का खुलासा

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By Input Published On: March 25, 2026
MP News: इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी ओवरचार्ज से भयंकर आग, आठ की मौत का खुलासा

MP News: अरहम विला, ब्रजेश्वरी NX क्षेत्र में उद्योगपति मनोज पुगालिया के परिवार के घर हुए भयंकर आग हादसे के सातवें दिन मंगलवार को पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने पुनः सर्च अभियान चलाया। इस दौरान आठ साल के तनय का अर्धसड़ा शव बरामद किया गया। तनय भी उस भयंकर आग में अपनी जान गंवा चुका था। पुलिस कर्मियों ने बच्चे के शव को तिलक नगर मुक्तिधाम ले जाकर गुप्त रूप से अंतिम संस्कार किया और तत्पश्चात वापस लौट गए।

हादसे का कारण: इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी का ओवरचार्ज

पिछले बुधवार को हुए इस अग्निकांड की मुख्य वजह एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की बैटरी का ओवरचार्ज होना बताई जा रही है। हादसे में 60 वर्षीय मनोज पुगालिया, सिमरन पुगालिया, उनके साले विजय सेठिया, सुमन सेठिया, रुचिका सांझेती (जैन), कार्तिक सेठिया, राशी और तनय की मृत्यु हुई थी। प्रारंभिक जांच में आठ साल के तनय का अधिकांश शरीर लापता था। पहले पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDERF की टीम ने सोफा फोम को बच्चे का शव समझकर निकाल लिया था। विशेषज्ञों के अनुसार वाहन रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक लगातार चार्ज पर था, जिससे बैटरी पर अत्यधिक दबाव पड़ा और इसमें जोरदार विस्फोट हुआ।

पुलिस जांच और परिवार की गैरमौजूदगी

तिलक नगर थाना प्रभारी मनीष लोढा ने बताया कि घटना के संबंध में आकस्मिक मृत्यु (मर्ग) का मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पड़ोसी भरत जैन सहित चार लोगों के बयान पुलिस ने दर्ज किए हैं। मनोज के पुत्र सौरभ, सौमिल और हर्षित को भी बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया गया था, लेकिन सौरभ वकील के साथ आने का दावा करने के बावजूद उपस्थित नहीं हुए। वहीं, परिवार के सदस्य पुलिस की मौजूदगी में घर के अलमारी खोलकर जरूरी सामान ले गए। घर की संपत्ति अभी पुलिस और संबंधित विभागों की जांच पूरी होने तक कब्जे में रहेगी।

अग्निकांड की व्यापक जांच और निष्कर्ष

जांच में डिजिटल डेटा से पुष्टि हुई कि घटना के समय स्मार्ट मीटर और ट्रांसफार्मर से वाहन चार्ज हो रहा था और घर का विद्युत लोड भी उच्च था। फायर सेफ्टी टीम ने आग के स्रोत के रूप में वाहन को पहचाना और यह भी स्पष्ट किया कि बिजली के पोल से आग लगी होने का कोई पर्याप्त प्रमाण नहीं मिला। अग्निकांड के कारण और बैटरी ओवरचार्जिंग की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।