MP News: ओरछा के जंगलों में भड़की भीषण आग, रातभर आसमान में दिखीं डरावनी लपटें

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By Input Published On: April 22, 2026
MP News: ओरछा के जंगलों में भड़की भीषण आग, रातभर आसमान में दिखीं डरावनी लपटें

MP News: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल ओरछा में मंगलवार देर शाम लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। आग की शुरुआत हरदौल समाधि के पीछे स्थित जंगल से हुई और देखते ही देखते इसने विकराल रूप धारण कर लिया। रात होते-होते आग की लपटें आसमान तक उठने लगीं और धुएं के गुबार दूर-दूर तक फैल गए। इस भयावह दृश्य ने आसपास के गांवों के लोगों और पर्यटकों में डर का माहौल पैदा कर दिया। लोग अपने घरों और ठिकानों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे, जबकि प्रशासन ने तुरंत हालात पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दीं।

सूखी वनस्पति और तेज हवाओं ने बढ़ाई तबाही

गर्मी के इस मौसम में जंगलों में सूखी घास और पत्तियां पहले से ही आग के लिए संवेदनशील बनी हुई थीं। ऐसे में तेज हवाओं ने आग को और भड़काने का काम किया। हरदौल चैतका से शुरू हुई आग तेजी से फैलते हुए गुंदरई सरकड़िया के घने जंगलों तक पहुंच गई। आग की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ ही घंटों में बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। रात देर तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ती गई। लगातार बढ़ती आग ने हालात को और गंभीर बना दिया।

दमकल टीमों को पथरीले रास्तों ने रोका

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं, लेकिन जंगल का ऊबड़-खाबड़ और पथरीला इलाका राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जंगल के अंदर गहराई तक नहीं पहुंच पा रही थीं, जिससे आग बुझाने की प्रक्रिया काफी मुश्किल हो गई। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं और हर संभव प्रयास कर रही हैं कि आग को फैलने से रोका जा सके। हालांकि कठिन परिस्थितियों के बावजूद राहत कार्य जारी है और अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

वन्यजीव और ऐतिहासिक धरोहरों पर मंडराया खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो यह जंगल में रहने वाले वन्यजीवों के लिए घातक साबित हो सकती है। इसके अलावा ओरछा के ऐतिहासिक स्मारकों और आसपास के रिहायशी इलाकों पर भी खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन इस स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क है और लगातार निगरानी कर रहा है। आग की इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कब तक इस आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकेगा।