MP News: खसरे के अचानक बढ़ते केस, रतलाम में विभाग ने शुरू किया घर-घर टीकाकरण अभियान

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By Input Published On: March 9, 2026
MP News: खसरे के अचानक बढ़ते केस, रतलाम में विभाग ने शुरू किया घर-घर टीकाकरण अभियान

MP News: रतलाम जिले के बाजना विकासखंड में हाल ही में खसरा (Measles) के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। बताया गया है कि क्षेत्र में 10 बच्चों में खसरे जैसे लक्षण पाए गए हैं। फिलहाल सभी बच्चों की हालत नियंत्रण में बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इस मामले में जल्द कार्रवाई और रोकथाम के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं।

सीएमएचओ ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या बेलसरे ने शनिवार को देर रात तक प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। जानकारी के मुताबिक, होली के दौरान बाहर से आए कुछ बच्चे वापस अपने स्थानों पर लौट गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर बच्चों का उपचार कर रही है। इसके अलावा, मामलों में लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित एएनएम के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य चूक न हो।

MP News: खसरे के अचानक बढ़ते केस, रतलाम में विभाग ने शुरू किया घर-घर टीकाकरण अभियान

प्रभावित गांवों में टीकाकरण अभियान तेज

स्वास्थ्य विभाग ने बाजना ब्लॉक के ग्राम बोरपाड़ा और रूपाखेड़ा में 9 महीने से 5 वर्ष तक के बच्चों को एमआर वैक्सीन लगाना शुरू किया है। इसके साथ ही उन्हें विटामिन-ए का घोल भी दिया जा रहा है। विभाग ने घर-घर जागरूकता अभियान चलाने, अतिरिक्त टीकाकरण सत्र आयोजित करने और संक्रमण की निगरानी के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई है। इस योजना का मकसद मीजल्स जैसी संक्रामक बीमारी के फैलाव को रोकना और बच्चों को सुरक्षित रखना है।

खसरे के लक्षण और सतर्कता

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वर्षा कुरील के अनुसार खसरा एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जिसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, नाक बहना, आंखों में लालिमा और पूरे शरीर पर लाल-भूरे रंग के दाने शामिल हैं। वायरस के संपर्क में आने के लगभग 10 से 14 दिन बाद लक्षण दिखाई देते हैं। दाने निकलने से पहले मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे, जिन्हें कोप्लिक स्पॉट्स कहा जाता है, दिखाई दे सकते हैं। होली जैसे पर्व के समय ऐसे मामलों में वृद्धि देखी जाती है। डॉ. संध्या बेलसरे ने बताया कि विभागीय स्तर पर पूरी सावधानी के साथ सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं और बच्चों की हालत अब ठीक है।