MP News: इंदौर में महिला पर भीड़ का कहर बच्चा चोर समझकर की पिटाई जांच जारी

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By Input Published On: April 6, 2026
MP News: इंदौर में महिला पर भीड़ का कहर बच्चा चोर समझकर की पिटाई जांच जारी

MP News: मध्य प्रदेश के Indore से सामने आया यह मामला एक बार फिर भीड़ की गलतफहमी और उसके गंभीर परिणामों को उजागर करता है। एक लेखिका महिला शाहबानो केस पर आधारित किताब के लिए शोध करने इंदौर पहुंची थी। जानकारी जुटाने के दौरान जब वह स्थानीय लोगों से बातचीत कर रही थी तो कुछ लोगों ने उसे संदिग्ध समझ लिया। धीरे धीरे बात इतनी बढ़ गई कि भीड़ ने उसे घेर लिया और उसकी पिटाई कर दी। इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया और पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मामला गलत पहचान और अफवाहों का परिणाम था।

गलतफहमी से बिगड़ा मामला और भीड़ की हिंसा

जानकारी के अनुसार पहले कुछ लोगों ने महिला को डेटा चोर समझा और फिर यह गलतफहमी फैलते फैलते बच्चा चोर तक पहुंच गई। इसी भ्रम के चलते खजराना क्षेत्र की खिजराबाद कॉलोनी में भीड़ एकत्र हो गई और महिला के साथ मारपीट की गई। इस दौरान महिला ने खुद को लेखिका बताते हुए अपनी पहचान स्पष्ट करने की कोशिश की लेकिन भीड़ ने उसकी बातों पर ध्यान नहीं दिया। इस पूरी घटना ने यह दिखाया कि किस तरह अफवाहें और बिना पुष्टि की गई जानकारी किसी निर्दोष व्यक्ति के लिए खतरा बन सकती हैं। भीड़ का यह व्यवहार कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

विवाद की जड़ और कथित समझौता

इस मामले में यह भी आरोप सामने आया है कि शाहबानो के परिजनों ने लेखिका से शोध सामग्री साझा करने के बदले 25 लाख रुपए और किताब की बिक्री में हिस्सा मांगा था। बताया जा रहा है कि इस संबंध में एक एग्रीमेंट भी तैयार किया गया था लेकिन बाद में उसमें बदलाव कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने महिला पर डेटा चोरी का आरोप लगाया। इसी आरोप को लेकर स्थानीय लोगों के बीच भ्रम फैल गया और डेटा चोर शब्द को गलत समझकर बच्चा चोर मान लिया गया। इस गलतफहमी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया और अंततः महिला को हिंसा का सामना करना पड़ा।

पुलिस जांच और अब तक की कार्रवाई

घटना के बाद महिला ने खजराना थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई लेकिन 15 दिन बीत जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पुलिस ने अभी तक केवल वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की है। मामले पर एडिशनल डीसीपी राजेश दंतोदिया ने कहा है कि जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस मामले में देरी के कारणों की समीक्षा की जा रही है। यह घटना प्रशासन के लिए भी एक चुनौती बनकर सामने आई है।