MP News: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकियों से हड़कंप SIT गठित कर जांच तेज

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By Input Published On: March 27, 2026
MP News: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकियों से हड़कंप SIT गठित कर जांच तेज

MP News: मध्य प्रदेश में कारोबारियों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मिल रही धमकियों के मामलों ने पुलिस महकमे को गंभीर रूप से सतर्क कर दिया है। इन घटनाओं की बढ़ती संख्या और संगठित तरीके को देखते हुए राज्य पुलिस मुख्यालय ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह कदम प्रदेश में बढ़ते अपराध और रंगदारी से जुड़े मामलों पर नियंत्रण के उद्देश्य से उठाया गया है। पुलिस अब इन सभी मामलों की गहराई से और समन्वित तरीके से जांच करेगी।

नौ सदस्यीय SIT करेगी संयुक्त जांच

गठित की गई नौ सदस्यीय SIT का नेतृत्व रेल पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा कर रहे हैं। यह टीम प्रदेश के भोपाल, इंदौर, खरगोन, अशोकनगर सहित कुल छह थानों में दर्ज मामलों की एक साथ जांच करेगी। SIT में STF और ATS के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है ताकि संगठित अपराध और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा सके। पहले से जांच कर रहे विवेचक भी इस टीम का हिस्सा बनाए गए हैं, जिससे जांच में बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सके।

संगठित गिरोह या फर्जी नाम का इस्तेमाल? जांच का मुख्य सवाल

पुलिस का मानना है कि इन मामलों की संयुक्त जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकियों के पीछे वास्तव में कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या फिर अलग-अलग आरोपी गैंग के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को डराने का काम कर रहे हैं। जांच का फोकस डिजिटल ट्रेस, कॉल रिकॉर्ड, वॉइस नोट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों पर रहेगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन घटनाओं के पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ है या यह अलग-अलग घटनाएं हैं।

प्रदेशभर में सामने आए कई गंभीर मामले

इन धमकी और रंगदारी के मामलों में कई बड़े उदाहरण सामने आए हैं। भोपाल में ज्वैलर गौरव जैन से 10 करोड़ रुपये की मांग की गई और व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकी दी गई। इंदौर में रियल एस्टेट कारोबारी संजय जैन से 15 करोड़ की रंगदारी मांगी गई। महू में अस्पताल संचालक को 5 करोड़ की धमकी दी गई, जबकि खरगोन में कपास कारोबारी के घर के बाहर फायरिंग कर 10 करोड़ की मांग की गई। अशोकनगर में भी कारोबारी अंकित अग्रवाल से 10 करोड़ की रंगदारी मांगी गई और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। इन सभी मामलों की जांच अब SIT के हवाले कर दी गई है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।