MP News: जबलपुर में अपराध नियंत्रण न कर पाए 26 थाना प्रभारियों पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की

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By Input Published On: March 14, 2026
MP News: जबलपुर में अपराध नियंत्रण न कर पाए 26 थाना प्रभारियों पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की

MP News: मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में लगातार बढ़ते अपराध और अपेक्षित पुलिस कार्रवाई न होने पर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने कड़ा कदम उठाया है। शहर के पुलिस इतिहास में पहली बार 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा दी गई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और विभाग में चर्चा का माहौल बन गया। पुलिस अधीक्षक ने अपराधों की समीक्षा बैठक में पाया कि कई थाना क्षेत्रों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई थी और अपराधों पर नियंत्रण कमजोर रहा।

कार्रवाई क्यों हुई और इसका प्रभाव

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का रिकॉर्ड संबंधित अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज होगा, जिसका असर उनके भविष्य के करियर और प्रमोशन पर पड़ सकता है। निंदा या चेतावनी को गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई माना जाता है। उन्होंने कहा कि शहर में चाकूबाजी, मारपीट और बमबाजी जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता में डर और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है और इसी आधार पर ये सजा दी गई है।

किन अधिकारियों पर गिरी गाज

जिन अधिकारियों को निंदा की सजा दी गई उनमें लार्डगंज थाना प्रभारी नवल आर्य, गोहलपुर टीआई रीतेश पांडे, गौरीघाट टीआई हरिकिशन आटनेरे, कैंट थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र पटले, विजय नगर टीआई राजेन्द्र मर्सकोले, कोतवाली टीआई मानस द्विवेदी, मदन महल टीआई धीरज राज, बेलबाग टीआई जितेन्द्र पाटकर और गोराबाजार टीआई संजीव त्रिपाठी आदि शामिल हैं। इसके साथ ही ग्रामीण थाना क्षेत्रों के कई टीआई भी इस कार्रवाई की सूची में हैं। बरगी थाने के टीआई नीलेश दोहरे को चेतावनी दी गई है जबकि अन्य 25 अधिकारियों को निंदा सजा मिली।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश और आगे की रणनीति

पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को सुनिश्चित करें। बदमाशों पर निगरानी बढ़ाई जाए, हिस्ट्रीशीटर और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई तेज हो, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग की जाए और लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि भविष्य में लापरवाही सामने आई तो और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।