MP News: छिंदवाड़ा में बाघ की हत्या का सनसनीखेज खुलासा. बदले की आग में रची गई साजिश

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By Input Published On: March 29, 2026
MP News: छिंदवाड़ा में बाघ की हत्या का सनसनीखेज खुलासा. बदले की आग में रची गई साजिश

MP News: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में वन्यजीव संरक्षण को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है जहां एक बाघ को सुनियोजित तरीके से जहर देकर मार दिया गया। यह मामला तब उजागर हुआ जब सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडल की संयुक्त टीम रेडियो कॉलर लगे बाघ की लोकेशन ट्रेस कर रही थी। लगातार सर्चिंग के दौरान सांगाखेड़ा परिक्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। शुक्रवार सुबह कक्ष क्रमांक P-266 और P-262 के पास एक मवेशी का शव मिला जिसके बाद संदेह गहरा गया। डॉग स्क्वायड की मदद से की गई गहन जांच में पास ही जमीन में दफनाया गया बाघ का शव बरामद हुआ। इस खुलासे ने पूरे वन विभाग को चौंका दिया और मामले की गंभीरता को उजागर कर दिया।

बदले की भावना में रची गई खतरनाक साजिश

जांच के दौरान सामने आया कि यह पूरी घटना बदले की भावना से प्रेरित थी। मुख्य आरोपी उदेसिंग ने पूछताछ में स्वीकार किया कि कुछ दिन पहले बाघ ने उसके बैल का शिकार किया था। इसी घटना से आक्रोशित होकर उसने बाघ को मारने की योजना बनाई। उसने मृत बैल के शरीर में यूरिया नामक जहरीला पदार्थ मिला दिया। जब बाघ दोबारा अपने शिकार को खाने के लिए लौटा तो जहरीला मांस खाने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बाघ के शव को जंगल में दफना दिया ताकि किसी को इस घटना की जानकारी न मिल सके। यह घटना न केवल अवैध है बल्कि वन्यजीव संरक्षण के नियमों का गंभीर उल्लंघन भी है।

वन विभाग की कार्रवाई और चार आरोपियों की गिरफ्तारी

वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में मुख्य आरोपी उदेसिंग सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों में बिसनलाल शीलू मनोहर सिंग और कैलाल शामिल हैं। इन सभी पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। विभाग ने वैज्ञानिक और फॉरेंसिक तरीके से सबूत जुटाए हैं ताकि अदालत में मजबूत केस पेश किया जा सके। आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस घटना में और लोग भी शामिल थे या यह पूरी तरह स्थानीय स्तर पर रची गई साजिश थी।

बाघ का दाह संस्कार और आगे की जांच

इस घटना के बाद सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक राखी नंदा और पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडलाधिकारी साहिल गर्ग की मौजूदगी में प्रोटोकॉल के अनुसार मृत बाघ का दाह संस्कार किया गया। वन विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जा रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं। आरोपियों को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों और मानव वन्यजीव संघर्ष के बढ़ते खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है।