MP News: शिवपुरी पुलिस की गुंडागर्दी का वीडियो वायरल! पुलिसिया वर्दी में पिटाई और पैर छुआने की शर्मनाक घटना

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By Sharma Published On: July 25, 2025
MP News: शिवपुरी पुलिस की गुंडागर्दी का वीडियो वायरल! पुलिसिया वर्दी में पिटाई और पैर छुआने की शर्मनाक घटना

MP News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में हेड कांस्टेबल एक पिकअप चालक को ना सिर्फ थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहा है बल्कि उसके बाद उससे अपने पैर भी छुड़वा रहा है। यह घटना किसी सामान्य चालान की नहीं लगती बल्कि एक शर्मनाक दुरुपयोग है पुलिस की वर्दी और ताकत का।

थाना प्रभारी ने दिया हैरान करने वाला बयान

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नरवर थाना प्रभारी विनय यादव ने इस पूरे मामले को “चालान की कार्रवाई” बताया है। सवाल उठता है कि अगर यह चालान की प्रक्रिया थी तो थप्पड़ क्यों मारा गया और पैर क्यों छुआए गए। क्या अब चालान करते वक्त पुलिसकर्मी लोगों की इज्जत भी छीन लेंगे।

MP News: शिवपुरी पुलिस की गुंडागर्दी का वीडियो वायरल! पुलिसिया वर्दी में पिटाई और पैर छुआने की शर्मनाक घटना

 विधायक ने पुलिस पर लगाया रिश्वतखोरी का आरोप

पोहरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेड कांस्टेबल ने पिकअप ड्राइवर से पैसे की मांग की थी और जब ड्राइवर ने पैसे देने से इनकार किया तो उसे पीटा गया। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो कुशवाहा समाज सड़कों पर उतरेगा।

घटना का वीडियो सीसीटीवी में कैद

घटना शिवपुरी जिले के धुआंई दरवाजा इलाके की बताई जा रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हेड कांस्टेबल सोनू यादव, अमरपुर वार्ड नंबर 9 के निवासी शिव सिंह कुशवाहा को मार रहा है। आरोप है कि कांस्टेबल ने वाहन चेकिंग के नाम पर 1000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। मना करने पर चालक की पिटाई कर दी गई। पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहला मौका नहीं है जब शिवपुरी पुलिस इस तरह के आरोपों से घिरी हो। इससे पहले भी चालान कार्रवाई के दौरान यातायात पुलिस द्वारा व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई की घटना सामने आ चुकी है। बार-बार ऐसे मामले सामने आने से जनता का पुलिस पर से भरोसा डगमगाने लगा है। अब जरूरी है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि वर्दी के नाम पर अत्याचार रुक सके।