MP News: रूस में MBBS की पढ़ाई कर रहे दतिया के छात्र की संदिग्ध मौत, परिवार की टूटी उम्मीदें

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By Sharma Published On: June 23, 2025
MP News: रूस में MBBS की पढ़ाई कर रहे दतिया के छात्र की संदिग्ध मौत, परिवार की टूटी उम्मीदें

MP News: मध्यप्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ कस्बे से ताल्लुक रखने वाले 31 वर्षीय भरत बघेल की रूस में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। भरत वहां आर्खान्गेल्स्क शहर के नॉर्दर्न स्टेट मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। वह 2019 में रूस गया था और इस साल 2 जुलाई को भारत लौटने वाला था। नवंबर में उसकी शादी तय थी और सगाई भी हो चुकी थी। लेकिन इन खुशियों के बीच 20 जून को जो खबर आई, उसने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी। भरत की मौत की सूचना उसके दोस्त यश ने 21 जून की शाम को भारत में उसके परिवार को दी।

भरत बघेल अपने पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता मुलायम बघेल स्वयं डॉक्टर हैं और इंदरगढ़ में टीवीएस बाइक की एजेंसी भी चलाते हैं। भरत की एक बहन और एक छोटा भाई भी है। जब यश ने फोन कर भरत की मौत की जानकारी दी तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। कोई इस दुखद घटना पर यकीन नहीं कर पा रहा। परिवार वालों के मुताबिक भरत एक मेधावी छात्र था और डॉक्टर बनकर भारत लौटने की तैयारी में था। सब उसकी शादी और भविष्य के सपनों को लेकर उत्साहित थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

MP News: रूस में MBBS की पढ़ाई कर रहे दतिया के छात्र की संदिग्ध मौत, परिवार की टूटी उम्मीदें

भरत की मौत की कहानी में कई सवाल

भरत के दोस्त यश ने बताया कि घटना 20 जून की है। उस दिन भरत अपने कुछ दोस्तों के साथ हॉस्टल से करीब 5 किलोमीटर दूर किसी जगह खाने के लिए गया था। वहीं वह कथित रूप से छत से गिरा और उसकी मौत हो गई। हालांकि यह जानकारी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। परिवार को यश से जो जानकारी मिली है वह केवल मौखिक है। न तो रूसी पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी आई है और न ही किसी कॉलेज अधिकारी का बयान सामने आया है। इससे परिवार का संदेह और बढ़ गया है कि कहीं मामला कोई और तो नहीं है।

परिवार की सरकार से भावुक अपील

भरत के चचेरे भाई दीपक बघेल ने बताया कि परिवार अब भारतीय सरकार से गुहार लगा रहा है कि भरत का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके। उन्होंने कहा कि अब तक रूस से कोई अधिकारी या दूतावास संपर्क में नहीं आया है और सोमवार से वे खुद हर संभव प्रयास करेंगे कि भारत सरकार और विदेश मंत्रालय तक अपनी बात पहुंचा सकें। परिवार का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है क्योंकि उन्होंने अपने होनहार बेटे को एक ऐसे देश में खो दिया जहां वह सिर्फ पढ़ाई करने गया था।

भरत की मौत का रहस्य अब तक अनसुलझा है। क्या वह सचमुच एक हादसा था या कुछ और? क्या वहां मौजूद दोस्त सब सच बोल रहे हैं या कुछ छिपा रहे हैं? क्या रूसी पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने सही जांच की है? ये सवाल अब परिवार और समाज दोनों को परेशान कर रहे हैं। भरत न केवल अपने परिवार का सपना था बल्कि पूरे कस्बे के युवाओं के लिए प्रेरणा भी था। उसका अचानक इस तरह चले जाना न केवल व्यक्तिगत नुकसान है बल्कि एक सामाजिक क्षति भी है।