MP News: 150 करोड़ के फर्जी बिल घोटाले के आरोपी अब चलाएंगे राज्य की बसें, क्या फिर से होगा स्कैम?

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By Sharma Published On: June 23, 2025
MP News: 150 करोड़ के फर्जी बिल घोटाले के आरोपी अब चलाएंगे राज्य की बसें, क्या फिर से होगा स्कैम?

MP News: जैसे ही राज्य स्तरीय बस परिवहन कंपनी के गठन की घोषणा हुई, एआईसीटीएसएल (AICTSL) के घोटालेबाज अफसरों के चेहरे खिल उठे। यह वही लोग हैं जिनके नाम 150 करोड़ रुपये के फर्जी बिल व टिकट घोटाले में सामने आ चुके हैं। इन अफसरों की मनमानी अब तक बीआरटीएस बसों के संचालन तक सीमित थी। लेकिन अब इन्हें पूरे राज्य की बसों की जिम्मेदारी देने की तैयारी की जा रही है। यह निर्णय न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि इस बात की आशंका भी गहरी कर देता है कि आने वाले समय में एक और बड़े घोटाले की ज़मीन तैयार हो रही है।

जब बेलदार बना सब-इंजीनियर, तब भरोसा किस पर?

AICTSL में जिस तरह बेलदार से सब-इंजीनियर बने अभिनव चौहान से लेकर चेतन कर्णिकर्णी, जगजीत सिंह, अंकित वर्मा, कुलदीप मिश्रा और अमित चौधरी जैसे नाम सामने आए हैं, उससे निगम में मचे घोटालों की गहराई समझना मुश्किल नहीं है। ये वही लोग हैं जिन्होंने बीआरटीएस में टिकट घोटाले को अंजाम दिया और अब राज्य बसों की कमान पाने की होड़ में लगे हैं। सवाल ये है कि क्या इतनी बड़ी जिम्मेदारी उन्हीं लोगों को दी जाएगी जिनकी ईमानदारी पहले ही शक के घेरे में है?

MP News: 150 करोड़ के फर्जी बिल घोटाले के आरोपी अब चलाएंगे राज्य की बसें, क्या फिर से होगा स्कैम?

चहेते बचे, ईमानदार निकाले गए

AICTSL में करीब 300 कर्मचारियों को हटाने की बात कही गई, लेकिन जिनका संबंध अभिनव चौहान जैसे अफसरों से रहा, वे आज भी नौकरी में हैं। CEO दिव्यांक सिंह ने कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की लेकिन वह सिर्फ दिखावे तक सीमित रही। ‘चलो एजेंसी’ की 180 बसें बंद करवा दी गईं जिससे सैकड़ों चालकों और कंडक्टर्स की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ा, पर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव की चुप्पी संदेह को और गहरा करती है।

आईएसबीटी पर भी सवालों के घेरे

नई परिवहन कंपनी के तहत कुमेदी और नैता मुंडमुला जैसे बड़े बस टर्मिनल चालू होंगे। लेकिन यहां भी वही AICTSL अधिकारी तैनात किए जा रहे हैं जो पहले घोटालों में शामिल रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि पूरे बस संचालन और टिकट प्रणाली में पारदर्शिता की गुंजाइश बेहद कम होगी। लोगों को डर है कि अगर 11 किलोमीटर की बीआरटीएस लाइन में 1.5 करोड़ का घोटाला हो सकता है तो पूरे राज्य में ये आंकड़ा कितनी ऊंचाई तक जाएगा, अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं।

बस स्टॉप निर्माण में भी भ्रष्टाचार की बू

AICTSL की योजना है कि शहर में 600 बस स्टॉप बनाए जाएं, जिनमें से 200 स्टॉप अत्याधुनिक होंगे। हर एक पर करीब 7 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे कुल 14 करोड़ का बजट तय हुआ है। लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस काम में भी अनियमितता शुरू हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया में अपारदर्शिता और चहेती एजेंसियों को ठेका देना इस बात का संकेत है कि एक और घोटाले की नींव रखी जा चुकी है।