MP News: अवि प्रसाद की तीसरी शादी और प्रशासनिक जीवन की चर्चित कहानी का खुलासा

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By Input Published On: February 18, 2026
MP News: अवि प्रसाद की तीसरी शादी और प्रशासनिक जीवन की चर्चित कहानी का खुलासा

MP News: मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद इन दिनों अपनी तीसरी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने हाल ही में 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से विवाह किया। यह शादी 11 फरवरी 2026 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में एक निजी समारोह में संपन्न हुई। अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। शादी की यह खबर सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में तेजी से वायरल हो रही है, क्योंकि अवि प्रसाद प्रशासनिक क्षेत्र में एक चर्चित नाम हैं।

अवि प्रसाद का करियर और पारिवारिक पृष्ठभूमि

अवि प्रसाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से हैं। उन्होंने UPSC 2014 में ऑल इंडिया रैंक 13 हासिल कर आईएएस सेवा में प्रवेश किया। इससे पहले वे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत रहे। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी राजनीति से जुड़ी हुई है। उनके दादा तंबेश्वर प्रसाद पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके थे। प्रशासनिक सेवा में अवि प्रसाद को संवेदनशील और जमीनी अफसर माना जाता है। उन्होंने कुपोषण, शिक्षा और सामाजिक योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में कई जिलों में सराहनीय कार्य किए हैं।

MP News: अवि प्रसाद की तीसरी शादी और प्रशासनिक जीवन की चर्चित कहानी का खुलासा

पहले दो शादियां आईएएस अधिकारियों से

अवि प्रसाद ने अपनी पहली शादी दिल्ली में तैयारी के दौरान मिलने वाली आईएएस रिजु बाफना से की थी। हालांकि यह रिश्ता कुछ ही वर्षों में समाप्त हो गया। रिजु बाफना वर्तमान में शाजापुर की कलेक्टर हैं। इसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश की 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से दूसरी शादी की। मिशा सिंह ने एमपी कैडर ले लिया, लेकिन चार साल में दोनों का संबंध समाप्त हो गया। मिशा सिंह अब रतलाम कलेक्टर हैं। इन दोनों शादियों के बाद अवि प्रसाद की तीसरी शादी पूर्ण रूप से व्यक्तिगत सहमति और आपसी समझ पर आधारित मानी जा रही है।

वर्तमान भूमिका और तीसरी शादी की खास बातें

अवि प्रसाद वर्तमान में मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के सीईओ के रूप में कार्यरत हैं। उनकी तीसरी शादी में दोनों पक्षों की लंबे समय से जान-पहचान और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए विवाह का निर्णय लिया गया। प्रशासनिक क्षेत्र में उनकी ईमानदारी और कार्यक्षमता के कारण यह शादी चर्चा का विषय बनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी तीसरी शादी निजी जीवन में संतुलन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच समझदारी की मिसाल है।