MP News: फेफड़ों के संक्रमण से तीन शावकों की मौत वन विभाग पर गंभीर आरोप

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By Input Published On: April 29, 2026
MP News: फेफड़ों के संक्रमण से तीन शावकों की मौत वन विभाग पर गंभीर आरोप

MP News: मध्य प्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क से आई यह खबर वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। सरही जोन में एक ही बाघिन के तीन शावकों की मौत ने पूरे वन विभाग को कठघरे में ला दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार इन शावकों की मौत फेफड़ों में संक्रमण के कारण हुई बताई जा रही है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि संक्रमण फैला कैसे और समय रहते इलाज क्यों नहीं हो सका। यह घटना न केवल पार्क प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाती है बल्कि बाघ संरक्षण की मौजूदा स्थिति को भी उजागर करती है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि, जांच जारी

वन विभाग के प्रधान मुख्य वन्यप्राणी संरक्षक के अनुसार मृत शावकों का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई है। एक अन्य शावक और बाघिन का इलाज जारी है। सभी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि प्रारंभिक जांच ने संक्रमण को कारण बताया है, लेकिन इसके स्रोत और फैलाव को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं जंगल के स्वास्थ्य और निगरानी प्रणाली की गंभीर खामियों को दर्शाती हैं।

लगातार बढ़ती बाघों की मौत से टाइगर स्टेट की छवि पर असर

मध्य प्रदेश को देश का टाइगर स्टेट कहा जाता है, लेकिन लगातार हो रही बाघों की मौत इस पहचान पर गहरा असर डाल रही है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार पिछले साल प्रदेश में लगभग 55 बाघों और 130 तेंदुओं की मौत दर्ज की गई थी। इस साल भी स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। कान्हा टाइगर रिजर्व में ही अप्रैल महीने में तीन बाघों की मौत हो चुकी है। पिछले आठ महीनों में यहां 10 बाघ और 5 तेंदुओं की मौत ने चिंता और बढ़ा दी है।

वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, विपक्ष भी हमलावर

वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फील्ड स्टाफ की नियमित गश्त नहीं हो रही और निगरानी प्रणाली कमजोर हो चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ इलाकों में अवैध गतिविधियां और शिकार तक की घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं विपक्ष ने भी सरकार को घेरते हुए कहा है कि टाइगर स्टेट में लगातार बाघों की मौत बेहद चिंताजनक है और संरक्षण की जिम्मेदारी सरकार की है।