MP News: टिकमगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार बर्खास्त जांच रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं

Author Picture
By Input Published On: April 8, 2026
MP News: टिकमगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार बर्खास्त जांच रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं

MP News: मध्य प्रदेश के Tikamgarh नगर परिषद में लंबे समय से चल रहे विवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों पर राज्य सरकार ने आखिरकार सख्त कदम उठाया है। शहरी विकास एवं आवास विभाग, भोपाल के निर्देश पर कांग्रेस समर्थित नगर परिषद अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

शिकायतों और जांच रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं उजागर

यह कार्रवाई पार्षदों द्वारा की गई शिकायतों और एक उच्च स्तरीय जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। रिपोर्ट में अब्दुल गफ्फार पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें लाखों रुपये के लेनदेन में गड़बड़ी और निर्धारित नियमों का उल्लंघन शामिल है। जांच में यह भी पाया गया कि उन्होंने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती और कई निर्णय नियमों के अनुरूप नहीं लिए। इन निष्कर्षों ने सरकार को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर किया।

बीजेपी पार्षदों के विरोध और जांच प्रक्रिया

इस पूरे मामले में बीजेपी पार्षदों ने लंबे समय तक नगर परिषद में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट 19 दिसंबर 2025 को सरकार को सौंपी, जिसमें अध्यक्ष के कार्यप्रणाली और निर्णय लेने के तरीके पर कई सवाल उठाए गए। रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने पहले अब्दुल गफ्फार को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत, अब वसूली के आदेश

कारण बताओ नोटिस के जवाब में अब्दुल गफ्फार ने हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद सरकार ने उन्हें दोषी मानते हुए मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 51 के तहत पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उन्होंने अपने दायित्वों का प्रभावी रूप से निर्वहन नहीं किया। साथ ही, सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इस मामले में हुए वित्तीय नुकसान की वसूली सीधे उनसे की जाए। इस कार्रवाई के बाद टिकमगढ़ की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनने लगे हैं और नगर परिषद के कामकाज को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।