MP News: शहडोल में एकतरफा प्रेम का दर्दनाक अंत, युवक ने कमरे में फांसी लगाकर जीवन समाप्त किया

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By Input Published On: March 2, 2026
MP News: शहडोल में एकतरफा प्रेम का दर्दनाक अंत, युवक ने कमरे में फांसी लगाकर जीवन समाप्त किया

MP News: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। धनपुरी थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 16 में रहने वाले अनुपम उर्फ निशू शर्मा ने बंद कमरे में अपने लैपटॉप की केबिल से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि अनुपम लंबे समय से एक युवती से प्रेम करता था, लेकिन युवती का विवाह कहीं और तय हो जाने के बाद वह गहरे सदमे में चला गया। इस मानसिक टूट के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। घटना ने पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया।

खुद को कमरे में बंद कर लिया था

परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन अनुपम ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था। काफी समय तक बाहर न निकलने पर परिवार ने चिंता जताई। दरवाजा खटखटाने और आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे परिवार ने अनहोनी की आशंका जताई और दरवाजा तोड़ दिया। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। अनुपम ने पंखे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। इस घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग पंचनामा तैयार किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

MP News: शहडोल में एकतरफा प्रेम का दर्दनाक अंत, युवक ने कमरे में फांसी लगाकर जीवन समाप्त किया

पुलिस और प्रारंभिक जांच

धनपुरी थाना पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने बताया कि प्रारंभिक पड़ताल में यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। युवती से विवाह तय होने की सूचना के बाद अनुपम मानसिक रूप से बहुत परेशान था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं पर ध्यान दे रही है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भावनात्मक आघात और एकतरफा प्रेम युवाओं पर गहरा असर डाल सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार और मित्रों को युवाओं की मानसिक स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए। भावनात्मक असफलता जीवन का अंत नहीं है, बल्कि कठिन दौर है जिसे संवाद, समझदारी और सहारे से पार किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति अवसाद, निराशा या मानसिक तनाव से जूझ रहा हो, तो उसे परिजनों, मित्रों या किसी विशेषज्ञ से खुलकर बात करनी चाहिए। समय पर मदद मिलने से ऐसी अनहोनी घटनाओं को रोका जा सकता है। जीवन अमूल्य है और हर समस्या का समाधान संभव है।