MP Stampede: सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में भगदड़, दो महिलाओं की मौत, पुलिस और दमकल मौके पर तैनात

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By Sharma Published On: August 5, 2025
MP Stampede: सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में भगदड़, दो महिलाओं की मौत, पुलिस और दमकल मौके पर तैनात

MP Stampede: मध्यप्रदेश के सीहोर जिले स्थित कुबेरेश्वर धाम में सावन की कांवड़ यात्रा के दौरान सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। भीड़ के बीच भगदड़ मचने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि करीब पांच श्रद्धालु घायल हो गए। मृत महिलाओं की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है। जैसे ही घटना की जानकारी मिली, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अचानक मची अफरा-तफरी, स्थिति पर पाया गया नियंत्रण

कांवड़ यात्रा में भारी संख्या में श्रद्धालु कुबेरेश्वर धाम पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ में अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। मौके पर अफरा-तफरी फैल गई और कई लोग जमीन पर गिर पड़े। दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त बल बुलाया और स्थिति को काबू में लिया।

MP Stampede: सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में भगदड़, दो महिलाओं की मौत, पुलिस और दमकल मौके पर तैनात

6 अगस्त को निकलने वाली है भव्य कांवड़ यात्रा

पंडित प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में 6 अगस्त को सीहोर में एक विशाल कांवड़ यात्रा आयोजित की जाएगी, जिसमें पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के भाग लेने की उम्मीद है। इसको देखते हुए प्रशासन ने 5 अगस्त की मध्यरात्रि से 6 अगस्त रात 10 बजे तक ट्रैफिक डाइवर्जन योजना लागू की है। पुलिस बल, यातायात कर्मी और मेडिकल टीमें प्रमुख स्थानों पर तैनात की जाएंगी।

प्रशासन की अपील: संयम बनाए रखें, वैकल्पिक मार्ग अपनाएं

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, सहयोग करें और सुझाए गए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या हादसा ना हो। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रूट और भीड़ नियंत्रण की योजना पहले से लागू की गई है, लेकिन बार-बार ऐसी घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

पहले भी हो चुके हैं हादसे, प्रशासन पर उठे सवाल

यह पहला मौका नहीं है जब कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ मची हो। 16 फरवरी 2023 को रुद्राक्ष वितरण के दौरान भी एक महिला की मौत हो गई थी और 17 फरवरी को एक तीन वर्षीय बालक की भी जान चली गई थी। उस समय भी प्रशासन को रुद्राक्ष महोत्सव रोकना पड़ा था। बार-बार होने वाले हादसे यह सवाल खड़े करते हैं कि क्या सुरक्षा व्यवस्था वाकई पर्याप्त है?