MP Tiger in Demand: टाइगर स्टेट एमपी से देशभर में बाघ ट्रांसफर की बड़ी प्रक्रिया शुरू

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By Input Published On: April 18, 2026
MP Tiger in Demand: टाइगर स्टेट एमपी से देशभर में बाघ ट्रांसफर की बड़ी प्रक्रिया शुरू

MP Tiger in Demand: मध्यप्रदेश, जिसे देश का “टाइगर स्टेट” कहा जाता है, एक बार फिर चर्चा में है क्योंकि यहां के जंगलों के राजा बाघों की डिमांड लगातार देशभर में बढ़ रही है। अब गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने भी मध्यप्रदेश से बाघों की मांग की है। इस संबंध में आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार को आधिकारिक पत्र भेजा है, जिसमें बाघ और गौर (बाइसन) भेजने का अनुरोध किया गया है। यह मांग पापीकोंडा नेशनल पार्क के विकास और वन्यजीव संरक्षण के उद्देश्य से की गई है।

कान्हा, सतपुड़ा और पेंच से बाघों की मांग, वन विभाग से रिपोर्ट तलब

आंध्र प्रदेश सरकार ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वे मध्यप्रदेश के प्रमुख टाइगर रिजर्व—कान्हा, सतपुड़ा और पेंच—से बाघों को अपने राज्य में बसाना चाहते हैं। इसके साथ ही गौर (बाइसन) की भी मांग की गई है ताकि पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित किया जा सके। मध्यप्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आंध्र प्रदेश के पर्यावरण और वन क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यदि रिपोर्ट अनुकूल रहती है, तो आगे की प्रक्रिया राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की मंजूरी के बाद शुरू की जाएगी।

NTCA की मंजूरी जरूरी, वैज्ञानिक प्रक्रिया के बाद ही होगा ट्रांसफर

किसी भी राज्य से दूसरे राज्य में बाघों को स्थानांतरित करने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की अनुमति अनिवार्य होती है। NTCA पहले संबंधित क्षेत्रों का निरीक्षण करता है और यह सुनिश्चित करता है कि वहां बाघों के लिए उपयुक्त प्राकृतिक वातावरण मौजूद है या नहीं। केवल वैज्ञानिक, पारिस्थितिक और संरक्षण मानकों पर खरा उतरने के बाद ही बाघों के ट्रांसफर की अनुमति दी जाती है। मध्यप्रदेश में 2022 की गणना के अनुसार 785 बाघ हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं, इसी कारण अन्य राज्यों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

तेलंगाना और झारखंड ने भी की बाघों की मांग

आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना और झारखंड ने भी मध्यप्रदेश से बाघों की मांग की है। झारखंड सरकार ने विशेष रूप से तीन बाघों—दो मादा और एक नर—के साथ 50 बाइसन, 50 सांभर और हिरण की भी मांग की है, जिन्हें पलामू टाइगर रिजर्व में बसाने की योजना है। वहीं तेलंगाना के कवाल टाइगर रिजर्व में भी मध्यप्रदेश के बाघों को स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। सभी प्रस्ताव वर्तमान में NTCA के पास विचाराधीन हैं और मंजूरी के बाद राज्यों के बीच औपचारिक समझौता (MoU) किया जाएगा।