MP Weather: तेज बारिश में डूबे मध्यप्रदेश के जिले, खतरे की घंटी बजा रहा मौसम विभाग!

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By Sharma Published On: July 29, 2025
MP Weather: मध्यप्रदेश में बारिश का कहर! अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी, 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

MP Weather: मध्यप्रदेश में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। मंगलवार को राज्य के 34 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल में सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है जिससे सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने चेताया है कि आने वाले 24 घंटों में कई जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है।

14 जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, सागर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम में मौसम विभाग ने बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 8.5 इंच तक बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों के नदी-नालों में उफान और जलजमाव की स्थिति बन सकती है जिससे जनजीवन पर सीधा असर पड़ेगा।

MP Weather: तेज बारिश में डूबे मध्यप्रदेश के जिले, खतरे की घंटी बजा रहा मौसम विभाग!

 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

राजगढ़, गुना, सीहोर, हरदा, देवास, पचमढ़ी, पांढुर्ना, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, डिंडोरी, कटनी, पन्ना, दमोह, उमरिया, अनूपपुर, शाजापुर, सीवनी और आगर-मालवा में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। सोमवार को इन जिलों में 1 से 1.5 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इससे पहले ही खेतों में पानी भर चुका है और निचले इलाकों में जलभराव शुरू हो गया है।

कुछ जिलों में सामान्य से 37% ज्यादा बारिश

ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मुरैना जैसे जिलों में अब तक सामान्य से 37 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। टीकमगढ़ और निवाड़ी में तो अब तक 42 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है जो राज्य में सबसे ज्यादा है। वहीं इंदौर जिले में अब तक मात्र 10 इंच से भी कम बारिश हुई है। भोपाल और जबलपुर में भी सीजन की औसत बारिश का आधा ही पानी गिरा है।

पूरे राज्य में सामान्य से ज्यादा बारिश

मध्यप्रदेश में इस साल 16 जून को मानसून आया था। तब से लेकर अब तक राज्य में औसतन 25.4 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि इस समय तक अपेक्षित वर्षा केवल 16.5 इंच थी। यानी 8.9 इंच ज्यादा पानी गिर चुका है। राज्य की औसत सालाना बारिश 37 इंच होती है और अब भी दो महीने बारिश बाकी हैं। अगर यही हाल रहा तो बाढ़ की स्थिति बन सकती है और कृषि पर भी इसका असर पड़ सकता है।