MP Weather: तेज गर्मी के आगमन से किसानों की मुश्किलें बढ़ीं, अप्रैल में तापमान 45 डिग्री पार

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By Input Published On: March 22, 2026
MP Weather: तेज गर्मी के आगमन से किसानों की मुश्किलें बढ़ीं, अप्रैल में तापमान 45 डिग्री पार

MP Weather: मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों में मौसम ने जबरदस्त करवट ली है। स्ट्रॉन्ग सिस्टम लगभग 98 घंटे सक्रिय रहा और 45 जिलों में तेज आंधी-बारिश की घटनाएं हुईं। इनमें से 17 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। इससे न केवल जनजीवन प्रभावित हुआ बल्कि कृषि क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ। बारिश और तूफानी हवाओं ने सड़क यातायात और बिजली की आपूर्ति को बाधित किया।

फसलों को भारी नुकसान, किसान परेशान

तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण केला, पपीता और गेहूं की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। धार, खरगोन, झाबुआ और बड़वानी जैसे जिलों में स्थिति अधिक गंभीर रही। किसानों ने तुरंत मुआवजे की मांग की है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं से खेतों में फसल पूरी तरह से नष्ट हो सकती है, जिससे खाद्य उत्पादन और स्थानीय बाजारों पर असर पड़ेगा।

मौसम का नया दौर: तेज गर्मी की चेतावनी

सिस्टम हटने के बाद अब मध्य प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू होगा। अगले चार दिन तक मौसम साफ रहने की संभावना है और आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग ने बताया कि 26 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इसके चलते प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में हल्के बादल या बूंदाबांदी हो सकती है। तापमान में लगातार वृद्धि होने के संकेत हैं, जिससे किसान और आम लोग गर्मी की तैयारी में जुट गए हैं।

तापमान और ओलावृष्टि का आंकड़ा

बारिश और बादलों के कारण कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से कम रहा। पचमढ़ी में 25.6°C दर्ज किया गया, जबकि भोपाल में 29.4°C, इंदौर 30.6°C, ग्वालियर 28.4°C और उज्जैन 31.5°C रहा। ओलावृष्टि प्रभावित जिलों में अलीराजपुर, बड़वानी, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, शिवपुरी, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना और मंडला शामिल हैं। फरवरी और मार्च में लगातार मौसम बदलने से फसलों को पहले ही नुकसान हुआ था। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अप्रैल और मई में मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।