Mp weather: मध्यप्रदेश में मानसून बना आफ़त! बाढ़ जैसे हालात, 7 जिलों में रेड अलर्ट

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By Sharma Published On: July 18, 2025
Mp weather: मध्यप्रदेश में मानसून बना आफ़त! बाढ़ जैसे हालात, 7 जिलों में रेड अलर्ट

Mp weather: मध्यप्रदेश में मानसून इस बार मेहरबान कम और मुसीबत ज्यादा बन गया है। राज्य के कई जिलों में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल संभाग के 7 जिलों में शुक्रवार को बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। रीवा, सतना, डिंडोरी और मऊगंज जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है, जबकि सड़कों पर जलभराव और नालों के उफान से कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित हुआ है।

कॉलेज परीक्षा स्थगित, सड़क हादसे में मजदूरों की मौत

लगातार हो रही बारिश से न केवल जनजीवन बाधित हुआ है, बल्कि हादसों की संख्या भी बढ़ गई है। शाहडोल में सीवर लाइन की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से दो मजदूरों की मौत हो गई। वहीं सतना में भारी बारिश के कारण कॉलेज की परीक्षाएं भी 17, 18 और 19 जुलाई के लिए स्थगित कर दी गई हैं। गुरुवार को सतना में 95 मिमी, रीवा में 58 मिमी, और टीकमगढ़ व खजुराहो में 45 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

Mp weather: मध्यप्रदेश में मानसून बना आफ़त! बाढ़ जैसे हालात, 7 जिलों में रेड अलर्ट

बांधों में बढ़ा जलस्तर, भोपाल के तालाब में खतरे का निशान नजदीक

राज्य के 54 प्रमुख बांधों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाणसागर, गांधीसागर, ओंकारेश्वर, राजघाट, तवा, संजय सागर और अन्य बांधों में पानी तेजी से भर रहा है। भोपाल का बड़ा तालाब भी छह फीट भरने की कगार पर है। यदि पानी का स्तर और बढ़ता है, तो भदभदा डैम के गेट खोलने पड़ सकते हैं। इससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की संभावना और बढ़ जाएगी।

भारी बारिश की चेतावनी जारी, अगले 2 दिन उत्तरी हिस्सों में अलर्ट

मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, राज्य के ऊपर मानसून ट्रफ और डिप्रेशन के चलते अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। चतरपुर, दमोह, सागर, सतना, टीकमगढ़ जैसे जिलों में अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। अब तक राज्य में औसतन 18.5 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्यतः जुलाई मध्य तक 11 इंच बारिश होती है, यानी करीब 7.5 इंच अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, जनता को सतर्क रहने की सलाह

प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। खासकर नदियों और नालों के पास रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बचाव टीमों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि आपात स्थिति में राहत कार्य में तेजी लाई जा सके।