MP Weather: ग्वालियर से छतरपुर तक पानी ही पानी! अगले 24 घंटे बना सकते हैं बाढ़ का खतरा

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By Sharma Published On: August 4, 2025
MP Weather: ग्वालियर से छतरपुर तक पानी ही पानी! अगले 24 घंटे बना सकते हैं बाढ़ का खतरा

MP Weather: मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी मध्यप्रदेश में चक्रवाती हवाओं और ट्रफ लाइन के कारण भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। सोमवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में तेज बारिश की संभावना है। रविवार को भी इन जिलों में बारिश हुई थी। अगले 24 घंटे में इन इलाकों में साढ़े चार इंच तक बारिश हो सकती है। बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

पिछले सप्ताह बाढ़ जैसे हालात

पिछले सप्ताह राज्य के पूर्वी हिस्सों यानी जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में तेज बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। रायसेन में बेतवा नदी ने भयंकर रूप धारण कर लिया था। खेतों में पानी भर गया था। कई मंदिर और पुल भी पानी में डूब गए थे। स्थानीय प्रशासन को राहत और बचाव कार्य शुरू करने पड़े थे।

MP Weather: ग्वालियर से छतरपुर तक पानी ही पानी! अगले 24 घंटे बना सकते हैं बाढ़ का खतरा

अब तक हुई औसत से ज्यादा बारिश

16 जून को मध्यप्रदेश में मानसून पहुंचा था। तब से अब तक औसतन 28.4 इंच बारिश हो चुकी है जबकि सामान्य तौर पर 19 इंच बारिश होती है। यानी इस बार अब तक 9.4 इंच ज्यादा पानी गिर चुका है। यह संकेत है कि मानसून इस साल ज्यादा मेहरबान है। राज्य में अब तक 76 प्रतिशत सामान्य बारिश हो चुकी है और अगस्त में यह कोटा पूरा होने की संभावना है।

कहाँ हुई सबसे ज्यादा बारिश

गुना, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में सामान्य से 50 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है। वहीं इंदौर और उज्जैन संभाग में स्थिति चिंता जनक है क्योंकि वहां बारिश कम हुई है। भोपाल और जबलपुर में भी केवल आधा सीजनल कोटा पूरा हुआ है। मौसम विभाग ने अगस्त में ज्यादा बारिश की भविष्यवाणी की है जिससे स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।

अभी बाकी है दो महीने मानसून

हालांकि अभी मानसून के दो महीने बाकी हैं। अगर अगस्त में अच्छी बारिश हुई तो बाकी जिलों में भी वर्षा का लक्ष्य पूरा हो सकता है। राज्य में औसतन 37 इंच पानी हर साल गिरता है और इस बार के संकेत बता रहे हैं कि यह आंकड़ा पार हो सकता है। किसान वर्ग इस बारिश से खुश है क्योंकि फसलों की बुवाई समय पर हो पाई है और पैदावार में वृद्धि की संभावना है।