पहले थाने पर पत्थरबाजी, अब अरबी भाषा में कलमा लिखकर तिरंगा फहराया

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By Sharma Published On: September 18, 2024

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बमनौरा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के अपमान का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कुछ दिन पहले इसी समुदाय ने थाने पर पत्थरबाजी की थी, जिसके बाद बुल्डोजर कार्रवाई की गई थी.

13 सितंबर की रात घुवारा तहसील के पनिया ग्राम पंचायत में किसी अज्ञात व्यक्ति ने तिरंगे में अशोक चक्र की जगह अरबी भाषा में “कलमा” लिखकर उसे फहरा दिया। यह घटना तब सामने आई जब तिरंगे की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

दरअसल, घुवारा तहसील के पनिया ग्राम पंचायत में 13 सितंबर को यह मामला सामने आया। जहां रात 1 बजे से दोपहर 4 बजे के बीच अज्ञात शख्स ने इस हरकत को अंजाम दिया। तिरंगे में अशोक चक्र की जगह अरबी भाषा में धार्मिक वाक्य ‘कलमा’ लिखकर उसे सार्वजनिक स्थान पर फहरा दिया गया। यह तिरंगे का सीधा अपमान माना जा रहा है, क्योंकि राष्ट्रीय ध्वज में किसी भी प्रकार के बदलाव करना कानूनन अपराध है।

FIR दर्ज, आरोपी की तलाश शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राष्ट्र गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा 2 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपी की पहचान के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

विश्व हिंदू परिषद का आक्रोश

इस घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है और इसे देश की अखंडता और भाईचारे को तोड़ने की कोशिश बताया है। परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए।

पुलिस की कार्रवाई और सामाजिक माहौल

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। छतरपुर जिले के पुलिस अधीक्षक का कहना है कि इस तरह के कृत्य समाज में अशांति फैलाने की कोशिश हो सकती है, इसलिए हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है। आरोपी की पहचान के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है, और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

यह घटना न केवल तिरंगे का अपमान है, बल्कि देश की एकता और अखंडता पर भी सीधा प्रहार है। पुलिस की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस तरह के घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। समाज के सभी वर्गों को इस घटना की निंदा करते हुए कानून और संविधान का सम्मान बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।