मध्यप्रदेश में निजी स्कूल-कॉलेज कल हड़ताल पर; ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं होगी , क्या है मामला जानिए 

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By Sharma Published On: December 14, 2020
SCHOOL

प्रदेश में अब निजी शैक्षणिक संस्थान, स्कूल और कॉलेज शासन के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। स्कूल और कॉलेज खोले जाने का निर्णय नहीं होने के कारण अब विरोध सख्त करने का निर्णय लिया गया है। मंगलवार को सभी निजी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। यहां पर कल किसी भी तरह का न तो कार्य और न ही पढ़ाई होगी।

एसोसिएशन ऑफ अन-एडिड प्राइवेट स्कूल्ज मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष विनी राज मोदी ने बताया कि पहले 14 दिसंबर को ही मुख्यमंत्री आवास घेराव की योजना थी, लेकिन बाद में शासन को कुछ और समय देने का निर्णय लिया गया। इसलिए अब पहले मंगलवार को सभी निजी स्कूल और कॉलेज बंद रखे जाएंगे। इसके बाद भी अगर मांग नहीं मानी जाती हैं तो फिर 16 को प्रदर्शन करेंगे।

 

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प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स मध्य प्रदेश के पदाधिकारियों ने 14 एवं 15 को घोषित विरोध प्रदर्शन में परिवर्तन किया है। नए कार्यक्रम के अनुसार यदि 14 दिसंबर तक सरकार आदेश जारी नही करती है तो 15 दिसंबर को पूरे प्रदेश के स्कूल कॉलेजों में ऑनलाइन क्लासेस संचालित नही की जाएंगी। साथ ही 16 दिसंबर को सरकार की शिक्षा के प्रति अनदेखी एवं मनमाने आदेशों के खिलाफ पूरे प्रदेश के शिक्षक, संचालक, पालक एवं छात्र भोपाल के यादगार-ए- शाहजहानी पार्क में सुबह 11 बजे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री को ज्ञापन देंगे।

  • सरकार 31 मार्च 2021 तक कक्षा पहली से आठवीं के स्कूल बंद रखे जाने का बगैर सोचे समझे लिए गया निर्णय तत्काल वापस ले।
  • केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों / SOP के अनुसार कक्षा नौंवी से बारहवीं के स्कूल तुरंत खोले जाए। चूंकि सभी विद्यालयों में कक्षा पहली से आठवीं बंद होने के कारण कक्षाएं खाली पड़ी है। अतः विद्यार्थियों को शारीरिक दूरी के नियमानुसार कक्षाओं में बिठाया जा सकता हैं। इस प्रकार कक्षा नौवीं से बारहवीं के सभी विद्यार्थी को प्रतिदिन विद्यालय बुलाया जा सकता हैं।
  • नियमित स्कूल के साथ-साथ ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कर पाना किसी भी विद्यालय के लिए संभव नहीं है। अतः ये बाध्यता समाप्त की जाए एवं पालकों से लिखित सहमति लेने की आवश्यकता को भी शिथिल किया जाए, क्योंकि उनकी सहमति के बिना छात्र वैसे भी स्कूल नहीं आ सकेंगे।
  • दिसंबर माह में कक्षा 9 वीं से 12वी की कक्षाओं के सफलतापूर्वक संचालन के उपरांत कक्षा छठवीं से आठवीं तक के स्कूल 4 जनवरी 2021 से खोले जाए। कक्षा पहली से पांचवी तक में ऑनलाइन क्लासेज यथावत चालू रहें एवं इन कक्षाओं को शुरू करने अथवा ना करने पर निर्णय 15 जनवरी के बाद कक्षा 6 वीं से 12वी की कक्षाओं के सफलतापूर्वक संचालन के प्रभाव का अध्ययन करने के उपरांत लिया जाए।
  • सभी प्राइवेट स्कूल ऑनलाइन शिक्षण के साथ-साथ टेस्ट एवं परीक्षाएं भी ले रहे है। अतः सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों की अगली कक्षा में प्रोन्नति ऑफलाइन एवं ऑनलाइन असाइनमेंट एवं असेसमेंट पर आधारित हों। केवल प्रोजेक्ट वर्क पर आधारित जनरल प्रमोशन किसी भी सूरत में ना दिया जाए।
  • शिक्षा हमेशा से सरकार के लिए प्राथमिक विषय रहा है। अतः सभी शिक्षण संस्थानों के बिजली बिल उपयोग के अनुसार लेते हुए पुराने बिल समायोजित किए जाएं। भू-व्यावर्तन कर, संपत्ति कर, स्कूल के वाहनों का रोड टैक्स एवं परमिट शुक्ल वर्ष 2020-21 हेतु शून्य किया जाए।
  • RTI के अंतर्गत प्रवेशित विद्यार्थियों के शिक्षण सत्र 2020-21 तक की बकाया शुक्ल की प्रतिपूर्ति शीघ्र की जाए।
  • उच्च न्यायालय के निर्णयानुसार सभी विद्यालय शिक्षण शुल्क के साथ-साथ परीक्षा शुल्क भी लेने के अधिकारी है। (यदि वे परीक्षा ले रहे हैं, तो) अतः परीक्षा शुल्क लेने की छूट दी जाए। साथ ही न्यायालय के निर्णयानुसार नियमित स्कूल खुलने पर अन्य शुल्क जैसे वार्षिक शुल्क, विकास शुल्क, ट्रांसपोर्ट फीस इत्यादि भी उपयोग अनुसार लेने की अनुमति दी गई है, जिसे आदेश में समाहित किया जाए।
  • राज्य सरकार एवं माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार जो पालक अपने बच्चों का शिक्षण शुक्ल अभी भी जमा नही कर रहे है, उन्हें अगली कक्षा में किसी भी सूरत में प्रमोट ना किया जाए।

सरकार प्राइवेट स्कूल संचालकों के साथ मिलकर मंथन करे, ताकि प्रदेश में विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की अकादमिक क्षति ना हो।

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