रेलवे सुरक्षा बल को मिली पहली महिला डीजी! Sonali Mishra ने संभाली RPF की कमान

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By Sharma Published On: July 13, 2025
रेलवे सुरक्षा बल को मिली पहली महिला डीजी! Sonali Mishra ने संभाली RPF की कमान

Sonali Mishra: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के इतिहास में पहली बार किसी महिला को महानिदेशक (DG) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा को RPF का नया मुखिया बनाया गया है। केंद्र सरकार की नियुक्ति समिति ने इस ऐतिहासिक फैसले को मंजूरी दी है। वे इस पद पर 31 अक्टूबर 2026 तक अपनी सेवाएं देंगी।

मौजूदा DG मनोज यादव की जगह संभालेंगी कमान

सोनाली मिश्रा मौजूदा महानिदेशक मनोज यादव का स्थान लेंगी जो 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अभी सोनाली मिश्रा मध्य प्रदेश पुलिस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (चयन) के रूप में तैनात हैं। RPF देश की रेल संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा संभालती है और इसमें यह बदलाव एक बड़ी नीतिगत पहल माना जा रहा है।

रेलवे सुरक्षा बल को मिली पहली महिला डीजी! Sonali Mishra ने संभाली RPF की कमान

रेलवे सुरक्षा बल की स्थापना और भूमिका

रेलवे सुरक्षा बल की स्थापना 1957 में संसद के एक अधिनियम के तहत की गई थी ताकि रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बाद में 1966 में इसे अपराधियों की गिरफ्तारी और अभियोजन का अधिकार दिया गया। 1985 में RPF को “यूनियन की सशस्त्र बल” का दर्जा प्राप्त हुआ। यह बल देशभर में रेल यात्रियों की सुरक्षा और रेल परिसंपत्तियों की रक्षा करता है।

सोनाली मिश्रा का प्रेरणादायक करियर

सोनाली मिश्रा का पुलिस सेवा में लंबा और विशिष्ट करियर रहा है। वे BSF में भी महत्वपूर्ण पदों पर रही हैं। 2021 में वे पहली महिला बनीं जिन्होंने पंजाब में भारत-पाक सीमा पर BSF की एक फॉर्मेशन की कमान संभाली। वे कश्मीर घाटी में BSF की आईजी भी रह चुकी हैं और खुफिया शाखा की प्रमुख भी रहीं। उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक और विशिष्ट सेवा पदक जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी नवाजा गया है।

महिलाओं के लिए एक प्रेरणा

सोनाली मिश्रा की यह नियुक्ति केवल एक पद नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक बदलाव है जो महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलता है। उनके नेतृत्व से न केवल RPF को एक नया दृष्टिकोण मिलेगा बल्कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक अहम कदम है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि महिला अधिकारी भी देश की सबसे बड़ी सुरक्षा जिम्मेदारियों को बखूबी निभा सकती हैं।