Raja Raghuvanshi Case: शिलॉन्ग की जेल में पहुंची राजा रघुवंशी की पत्नी! हत्या के आरोप में अब उम्रभर की कैद

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By Sharma Published On: June 14, 2025
Raja Raghuvanshi Case: शिलॉन्ग की जेल में पहुंची राजा रघुवंशी की पत्नी! हत्या के आरोप में अब उम्रभर की कैद

Raja Raghuvanshi Case:  राजा रघुवंशी मर्डर केस में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद अब सोनम रघुवंशी को शिलॉन्ग ज़िला जेल भेजा जाएगा। अगर उन पर हत्या का दोष सिद्ध होता है तो वे पूरी उम्र इसी जेल में रहेंगी। फिलहाल वे पुलिस की कस्टडी में हैं लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें रखने की तैयारी शुरू कर दी है। यह वही जेल है जहां पहले से ही एक महिला हत्या के मामले में सजा काट रही है। अब सोनम इस जेल की दूसरी महिला बन जाएंगी जो हत्या के मामले में बंद होंगी।

जेल में कुल महिलाएं कितनी और सोनम का स्थान क्या होगा

शिलॉन्ग ज़िला जेल में कुल 496 कैदी हैं जिनमें सिर्फ 19 महिला कैदी हैं। सोनम इस जेल की 20वीं महिला कैदी होंगी। जेल प्रशासन के अनुसार उन्हें जेल वार्डन के दफ्तर के पास एक खास कक्ष में रखा जाएगा। इस कमरे में उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उनके साथ दो ऐसी महिला विचाराधीन कैदी भी होंगी जो पहले से जेल में हैं और जिनका व्यवहार अनुशासित माना गया है। इन दोनों महिला कैदियों को सोनम पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी जाएगी। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि सोनम किसी भी तरह की गलत हरकत या आत्मघाती कदम न उठा सकें।

Raja Raghuvanshi Case: शिलॉन्ग की जेल में पहुंची राजा रघुवंशी की पत्नी! हत्या के आरोप में अब उम्रभर की कैद

सीसीटीवी निगरानी में 24 घंटे सोनम पर रखी जाएगी नजर

सोनम को जेल के उस हिस्से में रखा जाएगा जहां हर दिशा में कैमरे लगे होंगे। जेल प्रशासन का कहना है कि सोनम की मानसिक स्थिति और मामला संवेदनशील है इसलिए हर एक गतिविधि पर नजर रखना बेहद जरूरी है। CCTV कैमरों के माध्यम से 24 घंटे उन पर निगरानी रखी जाएगी। यहां तक कि उनके खाने पीने और सोने के समय पर भी सीधा नियंत्रण रखा जाएगा। जेल स्टाफ को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह निगरानी उनके लिए एक सुरक्षा उपाय भी है ताकि किसी भी संभावित खतरे से उन्हें बचाया जा सके।

सोनम को मिलेंगी ये सुविधाएं जेल के नियमों के अनुसार

जेल में रहने के दौरान सोनम को कुछ सीमित सुविधाएं मिलेंगी जो जेल नियमों के तहत आती हैं। उन्हें टीवी देखने की अनुमति होगी लेकिन वह भी तय समय के अनुसार ही। साथ ही परिवार के सदस्यों से मिलने की इजाजत होगी पर इसके लिए पहले से नाम देना जरूरी होगा। परिवार के लोग सिर्फ उन्हीं समयों पर मिल पाएंगे जो जेल प्रशासन तय करेगा। भोजन के लिए उन्हें सुबह नाश्ता दोपहर का खाना और रात का भोजन दिया जाएगा जो जेल मेन्यू के अनुसार ही होगा। यह सब कुछ उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर और जेल अनुशासन के दायरे में किया जाएगा।

हुनर विकास और महिला कैदियों के साथ काम में भी होगी सोनम की भागीदारी

जेल में सिर्फ बैठना ही नहीं होता बल्कि सभी कैदियों को कुछ न कुछ कार्य करना होता है। सोनम को भी महिला कैदियों के साथ मिलकर सिलाई कढ़ाई और अन्य कौशल विकास संबंधी कार्यों में हिस्सा लेना होगा। इससे उन्हें मानसिक तौर पर व्यस्त रखा जाएगा और जेल जीवन को अधिक संतुलित बनाने में मदद मिलेगी। यह कदम जेल प्रशासन की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत महिला कैदियों को हुनर सिखाया जाता है ताकि भविष्य में वे सामान्य जीवन जी सकें। सोनम को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा ताकि वह खुद को अकेला महसूस न करें और किसी नकारात्मक सोच से दूर रह सकें।