Rewa Medical College: ENT विभाग में खौफ का साया, मेडिकल सिस्टम पर खड़े किए बड़े सवाल।

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By Sharma Published On: July 15, 2025
Rewa Medical College: रीवा के श्यामशाह मेडिकल कॉलेज की लगभग 80 नर्सिंग छात्राओं ने ENT विभाग के डॉक्टर मोहम्मद अशरफ पर यौन उत्पीड़न और अशोभनीय हरकतों के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का आरोप है कि डॉक्टर उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग करता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। इन खुलासों से कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे।
Rewa Medical College: रीवा के श्यामशाह मेडिकल कॉलेज की लगभग 80 नर्सिंग छात्राओं ने ENT विभाग के डॉक्टर मोहम्मद अशरफ पर यौन उत्पीड़न और अशोभनीय हरकतों के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का आरोप है कि डॉक्टर उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग करता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। इन खुलासों से कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे।

डॉक्टर को किया गया निलंबित

Rewa Medical College: रीवा के श्यामशाह मेडिकल कॉलेज की लगभग 80 नर्सिंग छात्राओं ने ENT विभाग के डॉक्टर मोहम्मद अशरफ पर यौन उत्पीड़न और अशोभनीय हरकतों के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का आरोप है कि डॉक्टर उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग करता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। इन खुलासों से कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे।छात्राओं के प्रदर्शन और दबाव के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ENT विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर मोहम्मद अशरफ को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई छात्रों और विरोध कर रहे संगठनों के लिए एक राहत मानी जा रही है। डॉक्टर गांधी स्मृति अस्पताल में तैनात था और वहीं इस तरह की गतिविधियों के आरोप सामने आए।

जांच समिति की हुई गठन

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने एक जांच समिति का गठन किया। साथ ही नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या ने छात्राओं को ENT विभाग में जाने से रोक दिया ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) भी छात्राओं के समर्थन में आ गई और जोरदार प्रदर्शन करते हुए डॉक्टर को सस्पेंड करने की मांग की।

10 दिन में हुई कार्रवाई

प्रदर्शनकारियों को कॉलेज प्रशासन ने 10 दिनों में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। तय समय के भीतर ही डॉक्टर मोहम्मद अशरफ को सस्पेंड कर दिया गया। कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है और मामले को गंभीरता से लिया गया है।

आगे की कार्रवाई पर टिकी नजरें

हालांकि इस कार्रवाई से छात्राओं को थोड़ी राहत मिली है लेकिन सवाल अब भी बाकी हैं। मेडिकल कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा पर यह मामला बड़ा सवाल बनकर उभरा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि न्यायिक जांच में क्या सामने आता है और आरोपी डॉक्टर पर आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।