सीताराम आदिवासी विजयपुर उपचुनाव से पीछे हटे, सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा दिया

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By Sharma Published On: October 1, 2024

भोपाल: बुधनी और श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीटों पर जल्द ही उपचुनाव होने हैं। चुनाव आयोग द्वारा इन सीटों के उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कभी भी हो सकती है, और इसके साथ ही सियासी समीकरण भी बनते-बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। विजयपुर विधानसभा सीट से सीताराम आदिवासी टिकट की दावेदारी कर रहे थ लेकिन सरकार ने उनकी नाराजगी को देखते हुए, सहरिया विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त कर राज्यमंत्री का दर्जा दिया है।

सीताराम आदिवासी ने चुनावी रेस से किया किनारा

पूर्व विधायक और बीजेपी नेता सीताराम आदिवासी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। हालांकि, जब उनसे उपचुनाव में टिकट की दावेदारी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ किया कि वे इस बार चुनावी दौड़ में नहीं हैं। उनका कहना था, “मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा, पार्टी ने मुझे सम्मान दिया है और कई बार टिकट भी दिया है।” सीताराम आदिवासी का यह बयान उस समय आया है जब उन्हें लेकर चर्चाएं थीं कि वे टिकट के दावेदार हो सकते हैं।

विजयपुर में रामनिवास रावत की दावेदारी तय

विजयपुर विधानसभा सीट पर खासा दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। इस सीट पर 6 बार के विधायक और हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए रामनिवास रावत का बीजेपी उम्मीदवार बनना लगभग तय माना जा रहा है। रामनिवास रावत ने लोकसभा चुनाव से पहले 30 अप्रैल को कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थामा था और 8 जुलाई को उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देकर कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली थी। विजयपुर में रामनिवास रावत का बीजेपी के टिकट पर उपचुनाव लड़ना निश्चित है।

कांग्रेस की चुनौती: नए सिरे से खड़ा करना संगठन

रामनिवास रावत के बीजेपी में शामिल होने के बाद कांग्रेस के लिए विजयपुर सीट पर संगठन खड़ा करना एक बड़ी चुनौती बन गई है। रामनिवास रावत विजयपुर में कांग्रेस के सबसे बड़े नेता थे और उनके जाने से कांग्रेस को संगठनात्मक स्तर पर खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस अब बूथ लेवल से लेकर ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर नए चेहरों की खोज कर रही है।

बुधनी में भी उपचुनाव की तैयारी

सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट भी इस उपचुनाव का हिस्सा है। यह सीट मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। शिवराज सिंह चौहान ने 17 जून 2024 को इस सीट से इस्तीफा दिया था, जब वे विदिशा से सांसद चुने गए और केंद्रीय मंत्री बने। बुधनी सीट पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों में टिकट को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। शिवराज सिंह चौहान के गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर कांग्रेस के लिए जीत आसान नहीं होगी, लेकिन पार्टी जिताऊ चेहरा ढूंढने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

विजयपुर और बुधनी के उपचुनाव मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। जहां बीजेपी अपने मजबूत गढ़ों को बरकरार रखने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस नए सिरे से संगठन को खड़ा कर इन सीटों पर वापसी करने की कोशिश में जुटी हुई है।