Madhya Pradesh में स्मार्ट मीटर विवाद! पाकिस्तान के नाम पर बंद होगी स्मार्ट मीटर की स्थापना, BJP विधायक का सख्त बयान

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By Sharma Published On: August 11, 2025
Madhya Pradesh में स्मार्ट मीटर विवाद! पाकिस्तान के नाम पर बंद होगी स्मार्ट मीटर की स्थापना, BJP विधायक का सख्त बयान

Madhya Pradesh में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर एक नई राजनीति और सुरक्षा विवाद गरमाया है। आरोप है कि ये स्मार्ट मीटर सऊदी अरब की एक कंपनी द्वारा बनाए जा रहे हैं, जिनमें पाकिस्तानी इंजीनियर भी उच्च पदों पर कार्यरत हैं। इस बात को लेकर साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम ने केंद्र सरकार को खत लिखकर अपनी चिंता जताई है कि विदेशी कर्मचारियों की भागीदारी से साइबर हमलों या डेटा लीक का खतरा बढ़ सकता है। इससे पहले मध्य प्रदेश के मेट्रो प्रोजेक्ट में तुर्की निर्मित पार्ट्स के इस्तेमाल पर विरोध हुआ था। अब स्मार्ट मीटर विवाद के कारण जनता में असमंजस बढ़ गया है और लोग पूरी पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

पाकिस्तानी इंजीनियरों की भूमिका मिलने पर काम रुकने का एलान

स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट में पाकिस्तानी इंजीनियरों की भागीदारी की खबरों के बाद प्रदेश में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। भाजपा के विधायक रमेश्वर शर्मा ने साफ कहा कि यदि पाकिस्तान के किसी अधिकारी या इंजीनियर की इसमें भूमिका पाई गई तो प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना तुरंत रोक दी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-पाक के बीच खेल, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध खत्म हो चुके हैं, और जब तक पाकिस्तान अपना रुख नहीं बदलता, तब तक किसी भी प्रकार का सहयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Madhya Pradesh में स्मार्ट मीटर विवाद! पाकिस्तान के नाम पर बंद होगी स्मार्ट मीटर की स्थापना, BJP विधायक का सख्त बयान

कांग्रेस ने की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा और इसे एक ‘संगठित साजिश’ बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी इंजीनियरों की भागीदारी के कारण साइबर हमले या तकनीकी नुकसान की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पीसी शर्मा ने सरकार से तुरंत इस मामले की जांच और प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि प्रदेश की जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

उपभोक्ताओं की शिकायतें और बढ़े बिजली बिलों का विवाद

स्मार्ट मीटर लगाने के बाद प्रदेश के उपभोक्ताओं ने बिजली बिलों में बढ़ोतरी की शिकायतें लगातार की हैं। कई जगहों पर इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। यह मुद्दा मध्य प्रदेश विधानसभा तक भी पहुंचा है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर के जरिए बिल उपभोक्ता की वास्तविक खपत के अनुसार आ रहे हैं। बढ़े हुए बिलों की शिकायतों को सरकार ने निराधार बताया है और कहा है कि बिल में किसी भी तरह की अनियमितता नहीं है।

सावधानी और पारदर्शिता की आवश्यकता

इस विवाद ने मध्य प्रदेश में स्मार्ट मीटर परियोजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साइबर सुरक्षा और देश की सुरक्षा के मद्देनजर सरकार को उपभोक्ताओं की आशंकाओं को गंभीरता से लेना चाहिए। साथ ही, सभी जानकारी सार्वजनिक कर पूरी पारदर्शिता बनानी होगी ताकि लोगों का भरोसा बना रहे। तकनीकी सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देना भी जरूरी है ताकि इस तरह के विवाद भविष्य में न हों।