दुनिया की पहली DNA पर आधारित स्वदेशी Vaccine हैं जायकोवी-डी, क्यों हैं इतनी ख़ास

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By Sharma Published On: July 2, 2021
Xycovy-D vaccine zydus biologics

नई दिल्लीः भारत की एक और स्वदेशी वैक्सीन जल्द ही बाजार में आ सकती है. ये वैक्सीन है भारतीय दिग्गज फार्मा कंपनी जायडस कैडिला की जायकोवी-डी. बता दें कि जायडस कैडिला ने गुरुवार को भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल से अपनी वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है. कंपनी ने तीसरे चरण का ट्रायल पूरा कर लिया है और उम्मीद की जा रही है कि अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही जायडस कैडिला की वैक्सीन जायकोवी-डी बाजार में उपलब्ध होगी.

डीएनए आधारित दुनिया की पहली वैक्सीन
जायकोवी-डी, डीएनए आधारित वैक्सीन है, जिसमें कोरोना वायरस के जेनेटिक कोड को डाला गया है. जैसे ही यह वैक्सीन लगती है तो शरीर में उस कोड के खिलाफ इम्यूनिटी सक्रिय हो जाती है. भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के बाद यह भारत की दूसरी स्वदेशी वैक्सीन है. जायकोवी-डी तीन डोज वाली वैक्सीन है, जिसकी पहली डोज लेने के 28वें दिन दूसरी और 56वें दिन तीसरी डोज लेनी होगी. खास बात ये है कि इस वैक्सीन को स्टोर करने के लिए 2-8 डिग्री का तापमान पर्याप्त है.

दावा- डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ भी कारगर
जायडस कैडिला के प्रबंध निदेशक शार्विल पटेल ने दावा किया कि यह वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ 66 फीसदी से ज्यादा कारगर है. कंपनी का दावा है कि यह वैक्सीन डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ भी कारगर है. कंपनी की ओर से कहा गया है कि तीसरे चरण का ट्रायल 28 हजार लोगों पर किया गया है, जिनमें 12-18 साल के 1000 बच्चे भी शामिल हैं. कंपनी 4-6 सप्ताह में ट्रायल का डाटा सरकार को उपलब्ध करा देगी.