नए रोज़गार पैदा करने के लिए लॉन्च हुई ‘आत्मनिर्भर भारत रोज़गार योजना’

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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को देश की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए नए ऐलान किए हैं। निर्मला सीतारमण ने नए आर्थिक पैकेज ‘आत्मनिर्भर भारत 3।0’ के तहत आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना लॉन्च की है। आत्मनिर्भर भारत 3।0 के तहत 12 उपायों की घोषणा की गई है। सीतारमण ने कहा कि सरकार आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना लाई है ताकि नए रोजगार के सृजन को प्रोत्साहन ​दिया जा सके। ये योजना 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगी। इस योजना के अंतर्गत कई अहम घोषणाएं वित्तमंत्री ने की हैं।


कोरोनावायरस सेक्टर में रिसर्च के लिए 900 करोड़ रुपये

कोरोना वायरस सेक्टर में रिसर्च करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए 900 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया गया गया है। यह रकम वैक्सीन बनाने वाली नहीं बल्कि जो कंपनियां रिसर्च कर रही हैं उन्हें दिया जाएगा। इसका फायदा बायो टेक्नोलॉजी की कंपनियों को मिलेगा। 


फर्टिलाइजर सब्सिडी का ऐलान

कृषि क्षेत्र को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने आज फर्टिलाइजर सब्सिडी (Fertilizer Subsidy)  का ऐलान किा है। सरकार ने कहा कि फर्टिलाइजर सब्सिडी के तौर पर वह 65,000 करोड़ रुपये देगी। इससे किसानों किफायत दाम पर फर्टिलाइजर उपलब्ध हो सकेगा।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये देने का ऐलान

सरकार ने पहले प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 116 जिलों के प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य में रोजगार देने का ऐलान किया था। सरकार ने इसके लिए 37,543 करोड़ रुपये खर्च किया था। यह स्कीम 31 अक्टूबर 2020 तक थी। अब सरकार ने इसमें 10,000 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है। 

सरकार ने यह ऐलान इनकम टैक्स राहत के तौर पर किया है। हाउसिंग के क्षेत्र में यह फायदा घर बनाने वाले और खरीदने वाले दोनों को मिलेगी। घर बेचने में पहले जहां सर्किल रेट और वैल्यू रेट में 10 फीसदी की छूट को बढ़ाकर अब 20 फीसदी कर दिया गया है। यानी प्रॉपर्टी की वैल्यू गिरने के बावजूद अगर कोई घर सर्किल रेट के कारण नहीं बिक पा रहा था तो अब वहां 20 फीसदी की छूट दी गई है, ताकि घर बिके और लोग रजिस्ट्री भी करवा सके। यह स्कीम 30 जून 2021 तक लागू होगी। 

इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए डेट फाइनेंसिंग का प्रावधान

इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डेट फाइनेंसिंग का प्रावधान के तौर पर सरकार 6,000 करोड़ रुपए की मदद करेगी। NIIF 1।10 लाख करोड़ लोन देगा जिसमें सरकार के 6000 करोड़ रुपए भी शामिल हैं। इसमें कुल लोन बुक 8000 करोड़ रुपए की है। डील पाइपलाइन 10,000 करोड़ की है। 

कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रा कंपनियों को राहत

कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनियों को पूंजी और बैंक गारंटी की दिक्कत आती थी। बैंक गारंटी के लिए इन्हें 10 फीसदी की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी देनी पड़ती थी, लेकिन अब कम देनी होगी। सरकार ने इसे इसे घटाकर 3 फसदी कर दिया गया है ताकि उनके पास काम करने लायक पैसा हो। इसका फायदा उन कंपनियों को मिलेगा जिनके प्रोजक्ट पर कोई केस ना हो। यह स्कीम 31 दिसंबर 2021 तक लागू रहेगा। 

पीएम आवास योजना (शहरी) के लिए 18,000 करोड़ रुपये का ऐलान

बीते कुछ महीनों में रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate Sector) के लिए भी कई कदम उठाए गऐ हैं। अब सरकार ने प्रधनमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2020-21 के बजट अनुमान के अतिरिक्त 18,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। यह रकम अतिरिक्त फंड आवंटन और अतिरिक्त बजट रिसोर्स से मुहैया कराई जाएगी। इस साल पहले भी इस योजना के तहत 8,000 करोड़ रुपये जारी किये जा चुके हैं। सरकार के इस ऐलान से 12 लाख नये घर बनाने की शुरुआत होगी और 18 लाख घरों को पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा सरकार को उम्मीद है कि 78 लाख नये रोजगार के अवसर पैदा होंगे, 25 लाख मीट्रिक टन स्टील और 131 लाख मीट्रिक टन सीमेंट की खपत होगी।

26 स्ट्रेस्ड सेक्टर्स के लिए क्रेडिट गारंटी सपोर्ट

आज के राहत पैकेज में सरकार ने कोविड-19 महामारी के बीच सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले 26 सेक्टर्स के लिए क्रेडिट गारंटी सपोर्ट स्कीम का ऐलान किया है।

मार्च 2021 तक बढ़ी ECLGS 2।0

सरकार ने 3 लाख करोड़ रुपये के  इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) को 31 मार्च 2021 तक के लिए बढ़ा दिया है। यह केंद्र सरकार की तरफ पूरी तरह गांरटी वाला लोन स्कीम है। 29 फरवरी 2020 तक 50 करोड़ रुपये के के आउटस्टैंडिंग लोन (Outstanding Loan) का 20 फीसदी ​अतिरिक्त क्रेडिट दिया जायेगा। एमएसएमई ईकाई, बिजनेस एंटरप्राइज, व्यक्तिगत लोन और मुद्रा लोन को इस स्कीम के दायरे में शामिल किया गया है।  इस स्कीम के तहत 61 लाख उधारकर्ताओं को 2।05 लाख करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी मिल चुकी है। अभी तक 1।52 लाख करोड़ रुपये के लोन जारी भी हो चुके हैं

सरकार ने सबसे पहले ‘आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना’ का ऐलान किया। इस स्कीम के तहत को सरकार लॉन्च कर रही है ताकि देश में रोजगार के नये अवसर पैदा हो सकें। इस स्कीम को 1 अक्टूबर 2020 को लागू माना जाएगा और यह अगले दो साल के लिए होगा। अगर कोई नया कर्मचारी ईपीएफओ रजिस्टर्ड संस्था में काम करना शुरू करता है तो उसे 15,000 रुपये से कम की सैलरी मिलती है तो उन्हें इस स्कीम का लाभ मिलेगा। साथ ही 1 मार्च 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 के बीच जिनकरी नौकरी चली गई थी और एक अक्टूबर के बाद उन्हें फिर से रोजगार मिला गया तो भी उन्हें सरकार की इस स्कीम का लाभ मिलेगा। ऐसे कर्मचारियों की सैलरी भी 15,000 रुपये प्रति महीने से कम होनी चाहिए।

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