राजा भोज और रानी कमलापति की प्रतिमा का अपमान, वायरल रील पर सख्त कार्रवाई की मांग

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By Desk Input Published On: February 20, 2025

भोपाल। राजधानी के बड़े तालाब वीआईपी रोड पर स्थित महान राजा भोज और रानी कमलापति की प्रतिमाओं के साथ कुछ सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा अभद्र रील वीडियो बनाए गए हैं, जो इन दिनों वायरल हो गए हैं। इन वीडियो में विशेष रूप से राजा भोज की प्रतिमा का अपमान करते हुए उसे AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के माध्यम से अनौपचारिक और अपमानजनक रूप में प्रस्तुत किया गया है।

 

 

इन वायरल वीडियो में राजा भोज को मछली पकड़ते हुए, दौड़ते हुए और अन्य हास्यास्पद स्थितियों में दिखाया गया है। एक वीडियो में राजा भोज की प्रतिमा को अचानक सड़कों पर दौड़ते हुए दिखाया गया, जबकि दूसरे वीडियो में उन्हें मछली पकड़ने जैसी अव्यावसायिक और अभद्र गतिविधियों में उलझा हुआ दिखाया गया। इन रील्स में AI के माध्यम से छेड़छाड़ कर इन महान व्यक्तित्वों की छवि को ग़लत तरीके से पेश किया गया है।

 

 

राजा भोज भारतीय इतिहास के महानतम शासकों में एक थे, जिन्होंने मध्यकालीन भारत में कला, विज्ञान और संस्कृति को बढ़ावा दिया। उनकी नीतियों और कार्यों ने भारतीय समाज पर गहरा प्रभाव डाला। इसी तरह रानी कमलापति भी एक महान शासिका थीं, जिनका योगदान मध्यभारत की संस्कृति में अनमोल है। उनके योगदान का अपमान करने के बजाय उनका सम्मान किया जाना चाहिए था।

 

 

इन अभद्र रील्स के वायरल होने के बाद, विभिन्न सामाजिक संगठनों और सांस्कृतिक समूहों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इन संगठनों का कहना है कि इस प्रकार के वीडियो न केवल हमारे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का अपमान करते हैं, बल्कि यह युवा पीढ़ी में गलत संदेश भी फैलाते हैं। उनका मानना है कि समाज में इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा देना हमारी राष्ट्रीय गरिमा के खिलाफ है।

सख्त कार्रवाई की मांग

समाज के विभिन्न वर्गों ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में शीघ्र सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने भोपाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर इस वीडियो को बनाने और वायरल करने वाले यूजर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है। इसके अलावा, संगठनों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।

सांसदों और नेताओं की प्रतिक्रिया

स्थानीय सांसद और नेताओं ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर और इतिहास के प्रति घोर असम्मान है। नेताओं ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की अपील की है।