जबलपुर. जीवन का सार कही जाने वाली श्रीमद्भगवद् गीता की व्याख्या सुरभि ने महज 6 घंटे 17 मिनट में कर दी. सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर सुरभि ने श्रीमद्भगवद् गीता का पाठ अर्थ सहित सुनाना शुरू किया था, जिसे 6 घंटे 17 मिनट में पूरा कर दिया. खास बात यह है कि सुरभि को छठे अध्याय के बाद ब्रेक लेना था, पर वह रुकी नहीं और लगातार गीता का पाठ करते हुए आठवें अध्याय पर पहुंच गईं. सुरभि की लगन और उनका कंठस्थ गीता पाठ देखकर निर्णायक भी हैरान थे. सुरभि मुले ने श्रीमद्भगवद् गीता का निरंतर अर्थ सहित पाठ करके इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया है.
दसवीं कक्षा में पढ़ती हैं सुरभि
सुरभि मुले दसवीं कक्षा की छात्रा हैं और 8 साल की उम्र से अपनी दादी विजया मुले से श्रीमद्भगवद् गीता को अर्थ सहित पढ़ना सीख रही हैं. सुरभि गीता के 18 अध्यायों के 700 श्लोकों को निरंतर सुना सकती हैं, वह भी प्रत्येक श्लोक के अर्थ के साथ. सुरभि के कीर्तिमान को जज करने के लिए नागपुर से इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की डॉ. पुनीता धोटे मौजूद रहीं. साथ ही दिल्ली से भी लगातार ऑनलाइन निरीक्षण किया गया. सुरभि की सफलता के बाद पूरे परिवार में खुशी की लहर है.
Recent Comments