वोटों से बना मुख्यमंत्री ही पर्मानेंट होता है, न कि नोटों से -भूपेन्द्र गुप्ता

भोपाल।21सितंबर’आगर मालवा की एक सभा में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जीवन का पहला सच बोलते हुए यह स्वीकार किया है कि वह एक टेंपरेरी मुख्यमंत्री हैं। जनता तो पहले ही जानती थी कि उन्हें सिंधिया ने संविदा नियुक्ति दिलवाई है।

 

 

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री द्वारा सच बोले जाने के लिए शिवराज जी का आभार व्यक्त किया है और कहा है कि निश्चित रूप से वह जान चुके हैं कि नोटों से बनाया गया मुख्यमंत्री अस्थाई होता है और जनता की वोटों से बनाया गया मुख्यमंत्री परमानेंट होता है।पहला सच बोलने के लिये शिवराज का आभार फिर से संविदा नियुक्ति का प्रयास न करें शिवराज, गुप्ता ने कहा कि जनता फिर से उपचुनाव में वोट के माध्यम से अपना स्थाई मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के रूप में चुन लेगी और संविदा समाप्त होते ही टेंपरेरी मुख्यमंत्री घर बैठ जाएंगे। गुप्ता ने आग्रह किया है कि चुनाव परिणामों के बाद परमानेंट मुख्यमंत्री को स्वीकार करने का मानस भाजपा बना ले और फिर से संविदा की नियुक्ति के लिये धनमत के प्रयास ना कर जनमत का आदर करे।

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