मिर्जापुर के प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी धाम में अब निजी कैमरे लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय हाल ही में दो पंडितों के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रशासन और विंध्य पंडा समाज के बीच गहन विचार-विमर्श के उपरांत यह कदम उठाया गया।
मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था
धाम की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पहले से ही बेहद चौकस है। यहां अत्याधुनिक एआई कैमरे लगाए गए हैं और 175 से अधिक पुलिसकर्मी अलग-अलग पालियों में अपनी ड्यूटी निभाते हैं। कॉरिडोर के निर्माण के बाद, प्रशासन की जानकारी के बिना, पांच निजी कैमरे स्थापित कर दिए गए थे, जिन्हें अब हटा दिया गया है।
प्रतिबंध का कारण और उद्देश्य
यह प्रतिबंध विशेष रूप से पंडितों के बीच हुई झड़प के बाद लगाया गया है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और धाम की पवित्रता व शांति बनी रहे। निजी कैमरों की अनुपस्थिति से सुरक्षाकर्मियों को निगरानी में अधिक स्पष्टता मिलेगी और किसी भी अप्रिय घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।