अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले को 25 साल बीत चुके हैं, लेकिन इस त्रासदी के जख्म आज भी ताजा हैं। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने जांच एजेंसी एफबीआई की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एजेंसी ने अल-कायदा और सऊदी अरब के बीच के संदिग्ध संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों को लंबे समय तक दबाए रखा।
उमर अल-बयूमी की भूमिका पर संदेह
जांच के दौरान उमर अल-बयूमी का नाम सामने आया था, जिस पर आतंकियों की मदद करने का संदेह था। सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए उसे छोड़ दिया गया, लेकिन अब इस निर्णय पर फिर से बहस छिड़ गई है कि क्या यह जानबूझकर की गई चूक थी।
खुलासे से मचा हड़कंप
इस पुराने वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद पीड़ितों के परिवारों और आम जनता में भारी आक्रोश है। लोग अब मांग कर रहे हैं कि इस मामले की फिर से निष्पक्ष जांच हो ताकि 2000 से अधिक लोगों की जान लेने वाले इस हमले के पीछे का सच पूरी तरह सामने आ सके।