संयुक्त राष्ट्र और विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने भारत के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। ‘गॉडजिला अल नीनो’ के प्रभाव के कारण देश अगले छह महीनों के लिए ‘डेंजर जोन’ में आ गया है, जिसका सीधा असर इस साल की सर्दियों पर पड़ेगा।
सर्दियों में कमी और मौसम का मिजाज
प्रशांत महासागर के बढ़ते तापमान के कारण इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना बहुत कम है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसमी चक्र के कारण सर्दियों का असर काफी फीका रह सकता है।
खेती-किसानी के लिए चिंता
यह असामान्य मौसमी पैटर्न फरवरी 2027 तक सक्रिय रह सकता है। लंबे समय तक चलने वाले इस चक्र से फसलों को भारी नुकसान होने का अंदेशा है, जो कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।