नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच व्हाट्सएप एक जीवनरक्षक तकनीक के रूप में उभरा है। 500 से अधिक इंजीनियरों और जलविद्युत विशेषज्ञों का एक समूह बचाव कार्यों में रियल-टाइम जानकारी साझा कर रहा है।
तकनीकी विशेषज्ञों का नेटवर्क
बाढ़ आने से पूर्व ही गठित यह व्हाट्सएप समूह अब आपदा प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी नेटवर्क बन गया है। विशेषज्ञ मलबे और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुँचने के लिए सटीक रणनीतियाँ तैयार कर रहे हैं।
बचाव अभियान में तेजी
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रेस्क्यू टीमें आपस में तालमेल बिठा रही हैं, जिससे मलबे में दबे लोगों को खोजने की प्रक्रिया में तेजी आई है। यह पहल कठिन परिस्थितियों में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की शक्ति को दर्शाती है।