प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन जल्द ही बिश्केक में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के माहौल के बीच दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात है, जो कूटनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है।
वैश्विक कूटनीति पर नजर
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच हो रही यह उच्च-स्तरीय वार्ता वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस बैठक में क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को लेकर क्या चर्चा होती है।
भारत के लिए महत्व
चाबहार बंदरगाह और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भारत और ईरान के बीच लंबे समय से सहयोग रहा है। युद्ध की स्थिति में दोनों देशों के प्रमुखों की यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य और क्षेत्रीय स्थिरता के नजरिए से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।