क्रिकेट के इतिहास में खेल भावना के कई उदाहरण मिलते हैं, लेकिन 1987 के रिलायंस वर्ल्ड कप का एक वाकया आज भी सबसे खास माना जाता है। वेस्टइंडीज के दिग्गज तेज गेंदबाज कोर्टनी वॉल्श ने उस मैच में जीत से ज्यादा खेल के मूल्यों को प्राथमिकता दी, जिसके चलते उनकी टीम को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।
जीत से बड़ी खेल भावना
पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान जब विपक्षी बल्लेबाज सलीम जाफर क्रीज से बाहर निकल गए थे, तो वॉल्श उन्हें रन आउट कर सकते थे। हालांकि, उन्होंने जाफर को चेतावनी देकर छोड़ दिया, लेकिन अंत में पाकिस्तान ने वह मुकाबला एक विकेट से जीत लिया और वेस्टइंडीज का सफर वर्ल्ड कप में समाप्त हो गया।
दुनिया भर में मिली प्रशंसा
वॉल्श के इस फैसले ने भले ही उनकी टीम का सपना तोड़ दिया हो, लेकिन खेल जगत में उन्हें एक नायक की तरह देखा गया। उनकी इस ईमानदारी ने साबित कर दिया कि जीत-हार से ऊपर भी खेल में कुछ होता है, जिसने उन्हें करोड़ों प्रशंसकों का चहेता बना दिया।