भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने साल 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था। इस डेब्यू मैच में उन्होंने 187 रनों की शानदार पारी खेलकर क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी थी। हालांकि, उनकी यह ऐतिहासिक पारी एक ऐसे नाटकीय मोड़ से शुरू हुई थी, जब वह बिना कोई गेंद खेले ही आउट हो गए थे।
क्लार्क की अपील वापसी और जीवनदान
दरअसल, अपनी पहली टेस्ट पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरे शिखर धवन बिना एक भी गेंद का सामना किए रन आउट हो गए थे। लेकिन, ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान माइकल क्लार्क ने खेल भावना का परिचय देते हुए अपनी अपील वापस ले ली। इस अप्रत्याशित फैसले ने धवन को एक महत्वपूर्ण जीवनदान दिया, जिसने मैच का रुख ही बदल दिया।
डेब्यू पर रिकॉर्डतोड़ 187 रन
माइकल क्लार्क से मिले इस जीवनदान का शिखर धवन ने पूरा फायदा उठाया। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया और अपनी पहली ही टेस्ट पारी में तेजी से शतक जड़ दिया। धवन ने अंततः 187 रनों की यादगार पारी खेली, जो टेस्ट क्रिकेट में किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज डेब्यू शतक में से एक है और उनकी यह पारी आज भी क्रिकेट प्रेमियों को याद है।