मध्य प्रदेश में आगामी नगरीय निकाय चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब इन चुनावों में युवा और नए चेहरों को मौका देने की रणनीति पर काम कर रही है, जिसे ‘पीढ़ी परिवर्तन’ का फॉर्मूला बताया जा रहा है।
युवा उम्मीदवारों पर जोर
दतिया में मिली हार और हालिया ‘जेन-ज़ी आंदोलन’ के प्रभावों को देखते हुए भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव किया है। पार्टी की प्राथमिकता 60 वर्ष से कम आयु के सक्रिय कार्यकर्ताओं और नेताओं को टिकट देना है। इसका उद्देश्य मतदाताओं के बीच एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करना है।