उज्जैन की जांबाज बेटी हेमलता सूर्यवंशी को उनके अदम्य साहस और निस्वार्थ सेवा के लिए राष्ट्रपति भवन से विशेष आमंत्रण मिला है। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना, बिना तैरना जाने शिप्रा नदी में डूब रही एक 14 वर्षीय बच्ची की जान बचाई थी। अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जो उनके असाधारण बहादुरी का प्रतीक है।
साहस और निस्वार्थता की मिसाल
यह प्रेरणादायक घटना तब घटी जब हेमलता ने शिप्रा नदी में एक बच्ची को संघर्ष करते और डूबते देखा। उस क्षण, उन्होंने अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना, तुरंत पानी में छलांग लगा दी। तैरना न जानते हुए भी, उन्होंने अपनी पूरी ताकत से बच्ची को बचाया और उसे सुरक्षित किनारे तक ले आईं। उनके इस साहसिक कार्य ने न केवल एक मासूम की जान बचाई बल्कि समाज में बहादुरी का एक नया उदाहरण भी पेश किया।
राष्ट्रपति भवन में विशेष सम्मान
हेमलता सूर्यवंशी को उनकी इस असाधारण बहादुरी के लिए 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले ‘एट होम’ समारोह में आमंत्रित किया गया है। इस प्रतिष्ठित अवसर पर, उन्हें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का सौभाग्य प्राप्त होगा। यह सम्मान उनके अदम्य साहस और मानवीय मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे उज्जैन सहित पूरे देश का गौरव बढ़ा है।