छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पारंपरिक चिकित्सा का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। यहाँ के रहने वाले वैद्य रतन माझी का दावा है कि उन्होंने सर्पदंश के इलाज का रहस्य किसी किताब से नहीं, बल्कि जंगल में मवेशी चराते समय देखी गई एक घटना से सीखा है।
नेवले और सांप की लड़ाई ने बदला जीवन
वैद्य माझी के अनुसार, उन्होंने जंगल में एक बार नेवले और सांप की लड़ाई देखी थी। उस दौरान नेवले द्वारा अपनाई गई बचाव की तकनीक और जड़ी-बूटियों के प्रयोग को देखकर उन्हें सांप के जहर को उतारने का गुप्त ज्ञान प्राप्त हुआ।
पारंपरिक ज्ञान की अनूठी मिसाल
आज रतन माझी इसी अनुभव के आधार पर लोगों का इलाज कर रहे हैं। उनका यह दावा सरगुजा के आदिवासी अंचलों में वनौषधि चिकित्सा की समृद्ध परंपरा और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।